• +91 99935 90905
  • amulybharat.in@gmail.com
छत्तीसगढ और भी
सौर ऊर्जा से रोशन हुआ किसान नेतराम का घर
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 19 सितम्बर 2026,  08:11 PM IST
  • 213
सौर ऊर्जा से रोशन हुआ किसान नेतराम का घर

पीएम सूर्य घर योजना से हर माह 2000 रुपए की बचत*

 *खेती-किसानी को मिला नया बल*

रायपुर/प्रदेश में 'सेवा संकल्प अभियान' के माध्यम से जन-कल्याणकारी योजनाओं का प्रभाव अब धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से न केवल आम नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार आया है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिल रही है। ऐसा ही एक प्रेरक उदाहरण सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम गोबरसिंहा निवासी किसान नेतराम पटेल का है, जिनके जीवन में 'प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' आर्थिक संबल बनकर उभरी है।

*बिजली के भारी-भरकम बिल से मुक्ति*

      योजना का लाभ लेने से पहले नेतराम पटेल के घर का मासिक बिजली बिल करीब 2,200 से 2,300 रुपए तक आता था, जो उनके बजट पर एक बड़ा वित्तीय बोझ था। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत छत पर सौर पैनल (रूफटॉप सोलर सिस्टम) स्थापित होने के बाद अब उनका मासिक बिजली बिल घटकर मात्र 250 से 300 रुपए रह गया है।

*बचत की राशि से कृषि कार्यों में मिला संबल*

       सोलर पैनल के माध्यम से बिजली की जरूरतें घर पर ही पूरी होने से नेतराम को हर महीने लगभग 2,000 रुपए की सीधी बचत हो रही है। इस बचत राशि का उपयोग वे अपनी खेती-किसानी से जुड़े दैनिक खर्चों को पूरा करने में कर रहे हैं। इससे उन्हें खाद, बीज व अन्य कृषि आवश्यकताओं के लिए अतिरिक्त वित्तीय संबल मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पहले हर महीने बिजली बिल के रूप में एक बड़ी राशि देनी पड़ती थी। अब वही पैसा बचकर खेती के काम आ रहा है। इस योजना ने मेरी आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव लाया है।

*शासन के प्रति जताया आभार*

        योजना से जीवन में आए इस सकारात्मक परिवर्तन के लिए नेतराम पटेल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है। उन्होंने अन्य किसान भाइयों और ग्रामीणों से भी इस योजना से जुड़कर बिजली खर्च घटाने और अपनी बचत बढ़ाने की अपील की है।

*धरातल पर असर दिखा रहा 'सेवा संकल्प अभियान'*

      नेतराम पटेल की यह सफलता की कहानी यह साबित करती है कि जब शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं सीधे जरूरतमंदों तक पहुँचती हैं, तो उनका प्रभाव केवल मुफ्त या सस्ती बिजली तक सीमित नहीं रहता; बल्कि वह बचत, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण का स्थायी माध्यम बन जाता है।


Add Comment


Add Comment






ताज़ा समाचार और भी
Get Newspresso, our morning newsletter