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मुगलों व अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने वाले वीरों की शहादत को भुलाया नहीं जा सकता : मंत्री नेताम
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 21 सितम्बर 2026,  07:34 PM IST
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मुगलों व अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने वाले वीरों की शहादत को भुलाया नहीं जा सकता : मंत्री नेताम

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साजा। छत्तीसगढ़ गोंडवाना महासंघ तहसील साजा के तत्वावधान में राजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह का शहादत दिवस 20 सितंबर को विधानसभा क्षेत्र के तहसील अंतर्गत ग्राम बीजागोंद में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट कृषि मंत्री रामविचार नेताम शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता गोंडवाना समाज के मुखिया एमडी ठाकुर ने की। इस दौरान समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद मंत्री रामविचार नेताम ने राजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह की स्मृति में बनाए गए शहादत स्थल पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर ग्रामीणों एवं आदिवासी समाज के मुखियाओं ने मंत्री का गजमाला पहनाकर स्वागत किया।
मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह ने देश की स्वतंत्रता के लिए मुगलों और अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया। उनकी शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि इन वीरों का नाम स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों की प्रथम पंक्ति में लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इतिहास में ऐसे वीरों के योगदान को पर्याप्त स्थान नहीं मिल पाया, लेकिन समाज को उनके संघर्ष और बलिदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना चाहिए।

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उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह को फांसी की सजा सुनाई थी। बताया जाता है कि दोनों वीरों ने फांसी पर चढ़ने के बजाय तोप के मुंह से उड़ाए जाने का साहसपूर्ण विकल्प स्वीकार किया। मंत्री ने कहा कि ऐसे वीरों की शहादत देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगी।
कार्यक्रम में साजा विधायक ईश्वर साहू ने भी शामिल होकर राजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रदेश भाजपा मीडिया प्रभारी मूलचंद शर्मा ने कहा कि आदिवासी समाज सद्भाव और शांति स्थापित करने वाला समाज है। देश की आजादी में आदिवासी समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है, लेकिन इतिहास में अनेक वीरों के योगदान का पर्याप्त उल्लेख नहीं किया गया। उन्होंने युवाओं से समाज के महापुरुषों के जीवन और संघर्ष से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
मूलचंद शर्मा ने बस्तर के राजा स्वर्गीय प्रवीण चंद्र भंजदेव एवं स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव के सामाजिक योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि समाज और देश के लिए योगदान देने वाले महापुरुषों को सदैव याद किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता नथमल कोठारी ने भी संबोधित किया और आयोजन की सराहना करते हुए अतिथियों एवं समाजजनों का आभार जताया। इस अवसर पर समाज प्रमुखों ने मंत्री रामविचार नेताम को विभिन्न मांगों से संबंधित मांग पत्र भी सौंपा।
कार्यक्रम में सुभाष सिंह परते, एमडी ठाकुर, बीआर छेदैया, बालीराम नेताम रामरतन मंडावी, मुस्ती मंडावी, जिलाध्यक्ष बलकरन ध्रुव, केवरा बाई, नरेंद्र ध्रुव, मनोहर साहू, जनपद अध्यक्ष जितेंद्र साहू, ईश्वर पटेल, गोविंद पटेल,नेतराम साहू, ज्वाला सिंह राजपूत सहित समाज के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा एसडीएम कृष्ण कुमार साहू, साजा-बेरला एसडीओपी  तथा थाना प्रभारी साहू सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक भी कार्यक्रम में शामिल हुए।


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