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दुर्ग में ऐतिहासिक सिद्धितप पारणा महामहोत्सव के आध्यात्मिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय का सृजन है,- वोरा
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 22 सितम्बर 2026,  03:09 PM IST
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दुर्ग में ऐतिहासिक सिद्धितप पारणा महामहोत्सव के आध्यात्मिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय का सृजन है,- वोरा

दुर्ग में ऐतिहासिक सिद्धितप पारणा महामहोत्सव के आध्यात्मिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय का सृजन है,- वोरा

दुर्ग। शहर में आयोजित ऐतिहासिक सिद्धितप पारणा महामहोत्सव के अवसर पर सदर बाजार से श्री राधाकृष्ण मंदिर, महेश कॉलोनी तक भव्य वरघोड़ा निकाला गया। इस आयोजन में 185 तपस्वियों द्वारा किए गए तप की पूर्णाहुति के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं समाजजन शामिल हुए।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता अरुण वोरा तथा आर.एन. वर्मा भी भव्य वरघोड़े में शामिल हुए। दोनों ने श्रद्धालुओं एवं समाजजनों से मुलाकात कर सिद्धितप पारणा महामहोत्सव की शुभकामनाएं दीं।

महेश कॉलोनी स्थित श्री राधाकृष्ण मंदिर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में भी पहुंचे। उन्होंने वहां उपस्थित तपस्वियों, धर्मावलंबियों एवं समाजजनों से मुलाकात कर इस पावन आयोजन के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

185 तपस्वियों के तप की पूर्णाहुति से जुड़ा यह आयोजन दुर्ग में धार्मिक आस्था और सामाजिक एकजुटता का विशेष अवसर रहा। इस पावन अवसर पर प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। पूरे आयोजन में श्रद्धा, उत्साह और भक्तिमय वातावरण देखने को मिला।

अरुण वोरा ने कहा कि सिद्धितप पूर्णाहुति महोत्सव में 185 तपस्वियों के तप से दुर्ग शहर धर्म और अध्यात्म से सराबोर रहा। अनंत पुण्योदय से प्राप्त यह दुर्लभ धर्मावसर दुर्ग नगरी के आध्यात्मिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय का सृजन कर रहा है। परम पूज्य श्री मोहनलाल जी म. सा. के समुदायवर्ती, पूज्य गुरुदेव श्री जयानंद मुनिजी म. सा. के सुशिष्य, नूतन आचार्य एवं परम पूज्य गच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनचंद्रसूरिश्वर जी म. सा. के सान्निध्य में आयोजित यह महामहोत्सव धर्म, तप और साधना की महान परंपरा को आगे बढ़ाने वाला है।


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