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दुर्ग - भिलाई और भी
सनातन धर्म की रक्षा के लिए सनातनियों को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग देना आवश्यक - गौतम खट्टर
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 27 दिसम्बर 2024,  08:14 PM IST
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आर्यवीर दल के शिविर में पहुंचे सनातन महासंघ के अध्यक्ष खट्टर ने सनातनियों में भरा जोश
दुर्ग।
 महान क्रांतिकारी स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती के बलिदान दिवस के अवसर पर आर्यवीर दल दुर्ग-भिलाई द्वारा छत्तीसगढ़ प्रांतीय आर्य प्रतिनिधि सभा भवन आर्यनगर में सात दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में युवाओं को सनातन धर्म व संस्कृति की जानकारी के अलावा आत्मरक्षा की कला की सीख दी गई। शिविर में दुर्ग संभाग के करीब 100 से अधिक युवाओं ने हिस्सा लिया। समापन पर शुक्रवार को शिविर में प्रखर वैदिक प्रवक्ता एवं सनातन महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौतम खट्टर शामिल हुए। उन्होने घनश्याम सिंह आर्य कन्या महा. मैदान आर्यनगर में आयोजित राष्ट्रीय चेतना गोष्ठी में चरित्र निर्माण एवं सनातन धर्म की रक्षा को लेकर युवाओं के अलावा अन्य वर्गों का मार्गदर्शन किया। इसके पहले सनातन महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौतम खट्टर मीडिया से रुबरु हुए।

उन्होने चर्चा में कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए देशव्यापी अभियान का आगाज किया गया है। इसके लिए महर्षि दयानंंद सरस्वती की 200वीं जयंती, आर्यसमाज स्थापना के 150वां वर्ष व महान क्रांतिकारी स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती के बलिदान दिवस का 100वां वर्ष से अच्छा कोई अवसर नहीं हो सकता था। अभियान के तहत सभी राज्यों में पहुंचकर चरित्र निर्माण, वैदिक शिक्षा, सनातन धर्म व संस्कृति को लेकर सनातनियों में अलख जगाया जा रहा है। सनातन महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौतम खट्टर ने धर्मान्तरण से जुड़े एक सवाल पर बेबाकी से कहा कि स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती ने धर्मांतरित लोगों के घर वापसी के लिए दरवाजा खोला था,

वही कार्य बागेश्वर धाम के स्वामी धीरेन्द्र शास्त्री महाराज भी कर रहे है।धीरेन्द्र शास्त्री ब्राम्हण है,लेकिन वे पिछड़े व बिछड़ों को एक साथ लेकर चलने की बात कह रहे है। हमें हर वर्ग को सम्मान देना होगा, जिन्हें सम्मान नहीं मिला वे या तो मुस्लिम बन गए या उन्होने इसाई धर्म अपना लिया। धर्मांतरण के लिए अब प्रलोभन व लालच गौण रह गया है। सम्मान नहीं मिलने से लोगों में भटकाव की स्थिति पैदा होती है, जो बाद में धर्मांतरण की वजह बनती है। गुरुकुल की स्थापना पर जोर देते हुए सनातन महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौतम खट्टर ने कहा कि हम गुरुकुल खोलने शिविर लगाकर ट्रायल कर रहे है। शिविर में युवाओं को शस्त्र व शास्त्र का प्रशिक्षण दे रहे है। सनातन धर्म की रक्षा के लिए सनातनियों को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग देना आवश्यक है।

अब नारों से काम नहीं चलेगा। आत्मरक्षा से जुड़े इस विषय को धरातल पर उतारना होगा। तभी सनातन धर्म सुरक्षित व समृद्ध रहेगा। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत द्वारा हिन्दूओं को आबादी बढ़ाने से संबंधित दिए गए एक बयान पर श्री खट्टर का कहना था कि श्री भागवत ने कहा है तो यह ठीक है,लेकिन सवाल अब दो से अधिक बच्चे पैदा करने का नहीं है,बल्कि यह है कि बच्चा पैदा करो तो वह क्वालिटी वाला हो। बच्चे को वैदिक शिक्षा व संस्कृति की जानकारी देने के अलावा आत्मरक्षा के गुर सिखाकर मजबूत बनाना होगा। मीडिया से चर्चा के  दौरान सनातन महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौतम खट्टर के साथ छत्तीसगढ़ प्रांतीय आर्य प्रतिनिधि सभा के मंत्री अवनीभूषण पुरंग, कार्यालय मंत्री रवि आर्य, आयोजन समिति के संयोजक मनोज ठाकरे व अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

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