• +91 99935 90905
  • amulybharat.in@gmail.com
ताज़ा समाचार और भी
इंदौर हाईकोर्ट : जनहित याचिका में की गई शहरी युवा वकीलों को न्यूनतम 20 हजार मासिक स्टायपेंड देने की मांग
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 7 मार्च 2026,  10:58 AM IST
  • 180
इंदौर हाईकोर्ट : जनहित याचिका में की गई शहरी युवा वकीलों को न्यूनतम 20 हजार मासिक स्टायपेंड देने की मांग

इंदौर। युवा वकीलों के आर्थिक हितों को ध्यान में रखते हुए इंदौर हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। इस याचिका में मांग की गई है कि जूनियर अधिवक्ताओं के लिए न्यूनतम मासिक स्टायपेंड की व्यवस्था लागू की जाए, ताकि उन्हें पेशे के शुरुआती दौर में आर्थिक स्थिरता मिल सके। यह याचिका यंग एडवोकेट्स वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव मानवर्धन सिंह तोमर ने दायर की है। मामले की सुनवाई सोमवार को प्रस्तावित है और एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश सिंह भदौरिया इस मामले में पक्ष रखेंगे।

पहले भी सरकार से की जा चुकी है मांग
एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार यह मुद्दा नया नहीं है। इससे पहले भी प्रदेश सरकार के सामने युवा वकीलों को स्टायपेंड देने की मांग रखी जा चुकी है। इस संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को ज्ञापन भी सौंपा गया था। उस समय राज्यभर के करीब 12 हजार अधिवक्ताओं ने इस मांग का समर्थन किया था। हालांकि अब तक इस दिशा में कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया, जिसके बाद अब इस मामले को न्यायालय के सामने उठाया गया है।

प्रदेश में लगभग 35 हजार युवा अधिवक्ता 
जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश में लगभग 35 हजार से अधिक ऐसे अधिवक्ता हैं जो पेशे के शुरुआती वर्षों में हैं। इन वकीलों को आमतौर पर शुरुआती दौर में पर्याप्त आय नहीं मिलती, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई युवा अधिवक्ता अपने करियर की शुरुआत में ही आर्थिक दबाव महसूस करते हैं। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए स्टायपेंड की व्यवस्था लागू करने की मांग की जा रही है।

सरकार तय करे न्यूनतम मासिक स्टायपेंड
दायर याचिका में अदालत से आग्रह किया गया है कि सरकार को निर्देश दिए जाएं कि वह जूनियर वकीलों के लिए न्यूनतम मासिक स्टायपेंड योजना तैयार करे और उसे लागू करे। साथ ही नीति बनाते समय बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा सुझाए गए दिशा-निर्देशों को भी ध्यान में रखा जाए। प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि शहरी क्षेत्रों में युवा वकीलों को 20 हजार प्रति माह और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं को 15 हजार प्रतिमाह स्टायपेंड दिया जाए।

युवा वकीलों में मिलनी चाहिए सहायता
याचिका में यह भी सुझाव दिया गया है कि यदि ऐसी योजना लागू की जाती है तो उसके लिए स्पष्ट पात्रता मानदंड, सत्यापन प्रणाली और बजट का प्रावधान तय किया जाए। इससे यह सुनिश्चित होगा कि वास्तव में जरूरतमंद युवा वकीलों को ही इसका लाभ मिले और योजना पारदर्शी तरीके से लागू हो सके। युवा अधिवक्ताओं का कहना है कि वकालत के शुरुआती वर्षों में आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं होता। न्यूनतम स्टायपेंड योजना से युवा वकीलों को मदद मिलेगी।  

RO. NO 13404/ 41

RO. NO 13404/ 41

Add Comment


Add Comment

RO. NO 13404/ 41
74809102025230106banner_1.jpg
RO. NO 13404/ 41
98404082025022451whatsappimage2025-08-04at07.53.55_42b36cfa.jpg
RO. NO 13404/ 41
74809102025230106banner_1.jpg
RO. NO 13404/ 41
98404082025022451whatsappimage2025-08-04at07.53.55_42b36cfa.jpg





ताज़ा समाचार और भी
Get Newspresso, our morning newsletter