*सुशासन तिहार में बस्तर के पारंपरिक स्वाद की धूम*
रायपुर, / ‘सुशासन तिहार’ के तहत आयोजित होने वाले शिविर केवल जनसमस्याओं के निराकरण और सरकारी योजनाओं की जानकारी देने का माध्यम नहीं बन रहे हैं, बल्कि ये ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता का एक सशक्त मंच भी साबित हो रहे हैं। बस्तर की पारंपरिक संस्कृति और अनूठे खानपान को एक नई पहचान दिलाने में ‘नारी शक्ति महिला समूह, बस्तर’ बेहद सराहनीय भूमिका निभा रहा है।
बस्तर जिले के विकासखंड बस्तर के अंतर्गत आयोजित इन सुशासन तिहार शिविरों में पहुंचने वाले ग्रामीणों, अधिकारियों और कर्मचारियों को यह नारी शक्ति महिला समूह, बस्तर के लजीज पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद चखने का अवसर दे रहा है। समूह द्वारा बेहद रियायती दरों पर स्वल्पाहार के साथ-साथ स्थानीय व्यंजन जैसे-मड़िया पेज, आमट, तिखुर शरबत और उड़द दाल बोबो उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिन्हें लोग खूब पसंद कर रहे हैं।
*हर शिविर में 7 से 8 हजार रुपये की कमाई*
विकासखंड मुख्यालय बस्तर के नारी शक्ति महिला समूह की अध्यक्ष रेवती नेताम ने बताया कि सुशासन तिहार के शिविरों में बस्तर के व्यंजनों की लगातार वृहत रूप से बिक्री हो रही है। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा हर शिविर में हमारे समूह द्वारा 7 से 8 हजार रुपये से अधिक का व्यापार किया जा रहा है, जिससे समूह से जुड़ी महिलाओं की व्यक्तिगत आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
*स्थानीय संस्कृति और खानपान को मिल रहा बढ़ावा*
नारी शक्ति महिला समूह की सचिव पारो बघेल ने साझा किया कि बस्तर के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद ग्रामीण तो ले ही रहे हैं, साथ ही शिविर में ड्यूटी पर तैनात अधिकारी-कर्मचारी भी इसे बड़े चाव से खा रहे हैं। लोग इन व्यंजनों के अनूठे स्वाद की जमकर सराहना कर रहे हैं, जिससे हमारी स्थानीय खानपान संस्कृति को सीधा बढ़ावा मिल रहा है।
*हुनर के साथ मिला आत्मनिर्भरता का मंच*
समूह की सदस्य भागबत्ती भद्रे एवं अन्य महिलाओं का कहना है कि सुशासन तिहार ने उन्हें अपने हुनर और पारंपरिक पाक-कला प्रदर्शन करने का एक बेहतरीन मंच दिया है। इससे न केवल उन्हें आर्थिक लाभ मिल रहा है, बल्कि बस्तर की समृद्ध खाद्य संस्कृति को भी एक नई पहचान मिल रही है। शिविर में आने वाले ग्रामीणों और स्थानीय मैदानी अमले का भी यही मानना है कि प्रशासन के इस तरह के जमीनी प्रयास स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक व्यंजनों को सहेजने के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं।
ज्वाला प्रसाद अग्रवाल, कार्यालय शाप न. 2 संतोषी मंदिर परिसर,गया नगर दुर्ग , छत्तीसगढ़, पिनकोड - 491001
+91 99935 90905
amulybharat.in@gmail.com
बैंक का नाम : IDBI BANK
खाता नं. : 525104000006026
IFS CODE: IBKL0000525
Address : Dani building, Polsaipara, station road, Durg, C.G. - 49001
Copyright © Amuly Bharat News ©2023-24. All rights reserved | Designed by Global Infotech
Add Comment