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शंकर नगर में गुरुभक्ति का महासंगम : आर्यिका माँ 105 तपोमति माताजी ससंघ और मुनि श्री आगम सागर जी का हुआ मंगल मिलन
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 12 जुलाई 2026,  06:39 AM IST
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शंकर नगर में गुरुभक्ति का महासंगम : आर्यिका माँ 105 तपोमति माताजी ससंघ और मुनि श्री आगम सागर जी का हुआ मंगल मिलन

रायपुर। धर्मनगरी रायपुर में शनिवार को दिगंबर जैन मुनियों और माता जी के समागम से वातावरण भक्तिमय हो गया। संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की परंपरा के अनुगामी संतों का दुर्लभ मंगल मिलन संपन्न हुआ। 

माताजी के संघ ने मुनि श्री के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया
आयोजन की जानकारी देते हुए मीडिया प्रभारी प्रणीत जैन ने बताया कि, आर्यिका माँ 105 तपोमति माताजी ससंघ ने फाफाडीह दिगंबर जैन मंदिर से दोपहर 2:00 बजे विहार कर श्री चंद्रप्रभ दिगंबर जैन मंदिर, शंकर नगर में मंगल प्रवेश किया। माताजी के इस विहार मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा भक्तिभाव से पाद प्रक्षालन का सौभाग्य प्राप्त किया गया। 

Auspicious meeting of Jain saints at Shankar Nagar Jain Temple

शंकर नगर स्थित श्री चंद्रप्रभ दिगंबर जैन मंदिर में पूर्व से ही विराजमान 108 मुनि श्री आगम सागर जी महाराज के ससंघ से आर्यिका माँ का मंगल मिलन हुआ। इस पावन अवसर पर माताजी के संघ ने मुनि श्री के दर्शन कर उनका मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया।

संतों का मंगल मिलन रायपुर के लिए सौभाग्य का क्षण बना 
इस विशेष अवसर पर श्री चंद्रप्रभ दिगंबर जैन मंदिर शंकर नगर के अध्यक्ष विजय कस्तूरे एवं दिगंबर जैन बड़ा मंदिर के अध्यक्ष संजय नायक जैन ने हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि, संतों का यह मंगल मिलन रायपुर के लिए अत्यंत सौभाग्य का क्षण है। उन्होंने बताया कि इस पावन अवसर के साक्षी बनने के लिए सकल दिगंबर जैन समाज में भारी उत्साह देखा गया।

Auspicious meeting of Jain saints at Shankar Nagar Jain Temple

बैंड-बाजे और जयकारों के साथ किया गया भव्य स्वागत 
जैसे ही आर्यिका माँ ससंघ शंकर नगर पहुँचीं, सकल दिगंबर जैन समाज ने बैंड-बाजे और जयकारों के साथ भव्य स्वागत किया। इस पावन मिलन के साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। संपूर्ण क्षेत्र 'आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की जय' और संतों के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। इस अवसर पर समस्त समाज में हर्ष और उत्साह का अभूतपूर्व वातावरण रहा।

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