'गरीबों का आवास रोका, घोटालों को संरक्षण दिया, चर्चा से भागना विपक्ष की आदत'
-आवास, कानून व्यवस्था, नक्सलवाद, धर्मांतरण, महिला सशक्तिकरण और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर सरकार का पक्ष रखा
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर हुई चर्चा के दौरान उप मुख्यमंत्री एवं गृह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह प्रदेश का पहला ऐसा विपक्ष है जो महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय सदन से पलायन करता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में बहस से भागना विपक्ष की कमजोरी को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने गरीबों, किसानों, महिलाओं, युवाओं और आदिवासियों के हितों की लगातार उपेक्षा की, जबकि वर्तमान सरकार ने ढाई वर्षों में सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण को प्राथमिकता देते हुए हर क्षेत्र में ठोस परिणाम दिए हैं।
-गरीबों का आवास रोकने वाली थी पिछली सरकार
-उप मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर पिछली कांग्रेस सरकार पर सबसे बड़ा हमला करते हुए कहा कि तत्कालीन पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने स्वयं कई बार मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर गरीबों को आवास नहीं दिला पाने की विवशता व्यक्त की थी और इसी कारण उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा भी दिया था। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने गरीबों का आवास रोकने और उनका अधिकार छीनने का काम किया।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान मे हमारी सरकार ने सत्ता में आते ही पहली कैबिनेट की पहली बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। पिछले ढाई वर्षों में 26 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान कर आवास निर्माण को गति दी गई। पिछली सरकार द्वारा केवल पहली किस्त जारी कर अधूरे छोड़ दिए गए लगभग 8 लाख आवासों को भी पूरा कराया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि को मुख्यमंत्री आवास योजना में बदलकर 47 हजार आवास तो स्वीकृत कर दिए, लेकिन उनके लिए बजट तक नहीं रखा। वर्तमान सरकार ने उन आवासों को भी पूरा कराया। उन्होंने बताया कि ढाई वर्षों में 11 लाख प्रधानमंत्री आवास पूर्ण किए जा चुके हैं और शेष आवासों का निर्माण तेजी से जारी है।
-शराब, कोयला और पीएससी घोटालों का किया जिक्र
श्री शर्मा ने कहा कि पिछली सरकार की शराब नीति स्वयं एक नीतिगत घोटाला थी, जिसके कारण कई प्रभावशाली लोगों को जेल जाना पड़ा। हमारी सरकार आते ही मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उस पूरी भ्रष्ट व्यवस्था को चिमटे से उठाकर उखाड़ फेंकने का कार्य किया और पारदर्शी व्यवस्था लागू की।
श्री शर्मा ने कहा कि कोयला घोटाले में भी ऑनलाइन व्यवस्था समाप्त कर ऑफलाइन प्रणाली लागू की गई ताकि कमीशनखोरी हो सके। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (पीएससी) भर्ती घोटाला युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ का सबसे बड़ा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय भ्रष्टाचार नीति का हिस्सा बन चुका था।
-सीबीआई को रोका, अब हर मामले में जांच की मांग कर रहे हैं
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में थी तब सीबीआई को छत्तीसगढ़ में प्रवेश तक नहीं दिया गया, क्योंकि बड़े-बड़े घोटालों की जांच से बचना था। आज वही लोग हर मुद्दे पर सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान आठ आईएएस और आईपीएस अधिकारी जेल गए, जबकि वर्तमान सरकार में पारदर्शी व्यवस्था के कारण ऐसी स्थिति नहीं बनी।
-अवैध घुसपैठियों और धर्मांतरण पर सरकार की सख्ती
मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार ने अवैध घुसपैठियों के खिलाफ पहली बार ऑनलाइन शिकायत प्रणाली और टोल फ्री नंबर शुरू किया। शिकायतों के आधार पर कार्रवाई कर अवैध घुसपैठियों को चिन्हित कर डिपोर्ट भी किया गया।
धर्मांतरण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि बस्तर के तत्कालीन संभागायुक्त और सुकमा के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक ने कांग्रेस सरकार को पत्र लिखकर बताया था कि धर्मांतरण के कारण सामाजिक सौहार्द बिगड़ रहा है और वर्ग संघर्ष जैसी स्थिति बन रही है, लेकिन उस समय सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। श्री विष्णु देव साय की सरकार कानून लेकर आई तो विपक्ष चर्चा से ही भाग गया। आज धर्मांतरण पर मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में कड़ा कानून लाकर आदिम संस्कृति को संरक्षित करने का कार्य कर रही है।
-विकास में कोई भेदभाव नहीं, हर विधायक के क्षेत्र में काम
श्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कभी राजनीतिक भेदभाव नहीं किया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी विधायकों के क्षेत्रों में समान रूप से विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। उदाहरण के रूप में उन्होंने अपने विभाग की प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना सहित विभिन्न योजनाओं का उदाहरण देते हुए कार्य के पूरे प्रदेश में समान रूप से दिए जाने के बारे में बताया।
-जनकल्याणकारी योजनाएं कांग्रेस ने बंद की थीं
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए संचालित चरण पादुका योजना जैसी आदिवासी हितैषी योजनाएं बंद कर दी थी। वहीं महिलाओं को सम्मान राशि देने का वादा कर सत्ता में आई कांग्रेस ने एक रुपया भी नहीं दिया, जबकि वर्तमान सरकार हर महीने 68 लाख महिलाओं के खाते में महतारी वंदन योजना के तहत सम्मान राशि पहुंचा रही है।
-पत्रकारों को भी जेल भेजा गया
उप मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने केवल अधिकारियों को ही नहीं, बल्कि जनता की आवाज उठाने वाले पत्रकारों को भी झूठे मामलों में जेल भेजा। यह उनकी तानाशाही मानसिकता का प्रमाण था।
-बलौदाबाजार हिंसा पर विपक्ष को घेरा
श्री शर्मा ने कहा कि गिरौदपुरी के निकट जैतखाम को क्षति पहुंचाने का काम बाहरी तत्वों ने किया। इसके बाद विपक्ष के विधायक श्री देवेंद्र यादव ने भिलाई में बैठक कर लोगों को आंदोलन में लेकर आये और पूरी घटना में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि सतनामी समाज शांतिप्रिय है, सतनाम को मानने वाला ऐसा कार्य कर ही नहीं सकता, किसी अपराध को पूरे समाज से जोड़ना उचित नहीं है। अपराधी केवल अपराधी होता है।
-पेसा कानून को हमनें जमीन पर उतारा
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार केवल पेसा कानून बनाकर बैठ गई थी। वर्तमान सरकार ने उसके नियम बनाए, उसे सशक्त बनाया, राज्य से लेकर ग्राम स्तर तक समन्वयक नियुक्त किए और प्रशिक्षण की प्रक्रिया शुरू की, जिससे कानून का वास्तविक क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
-बस्तर का विकास बस्तर के लोगों के श्रम से होगा
श्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का स्पष्ट विजन है कि बस्तर का विकास स्थानीय संसाधनों, लघु वनोपज और वहां के युवाओं के श्रम से होगा। लोग में भ्रम फैलाकर युवाओं को भड़काने का कार्य कर रहे हैं जो गलत है और रोका जाना चाहिए।
-कानून व्यवस्था पर कांग्रेस को घेरा
उप मुख्यमंत्री ने अमलेश्वर, बठेना, ककसेदा और कुम्हारी जैसी सामूहिक हत्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस शासन में कानून व्यवस्था चरमरा गई थी। उन्होंने भिलाई में भारत माता की जय बोलने पर मलकीत सिंह की हत्या और कवर्धा में भगवा ध्वज लगाने के विवाद में हुई हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय एफआईआर तक दर्ज नहीं की जा रही थी। जनप्रतिनिधियों पर झूठे प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तारियां की गईं और उनके खिलाफ झूठे मुकदमे लगाए गए। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार हर व्यक्ति की बात सुनती है। सूरजपुर की हालिया घटना में जनता की मांग पर तुरंत सीबीआई जांच के निर्देश दिए गए।
-नक्सलवाद पर निर्णायक कार्रवाई
श्री शर्मा ने कहा कि जिस दिन सदन में नक्सलवाद पर चर्चा हुई थी, उस दिन भी विपक्ष सदन छोड़कर चला गया। उन्होंने कहा कि झीरम घाटी जैसी घटना के दोषियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई वर्तमान सरकार ने की है। उन्होंने बताया कि बस्तर के सभी जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर नक्सल मामलों में जेलों में बंद लोगों की समीक्षा की जा रही है तथा लगभग 1300 लोगों को राहत देने की प्रक्रिया चल रही है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2018 से 2023 के बीच राज्य को 16 नई बटालियन दी थीं। संसाधन और तकनीक सब उपलब्ध थे, लेकिन राजनीतिक इच्छाशक्ति का अभाव था। यदि प्रयास किए जाते तो नक्सलवाद पहले ही समाप्त हो सकता था। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन और राज्य सरकार के दृढ़ संकल्प से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता मिली है। अब सुरक्षा शिविरों को 'शहीद गुंडाधुर सेवा डेरा' के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां स्कूल, आंगनबाड़ी, अस्पताल और अन्य जनसुविधाएं विकसित होंगी।
-समर्पण की नीति बनी बड़ी सफलता
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने कभी फोन पर बातचीत कर नक्सलियों को मुख्यधारा में लाने के प्रयासों का मजाक उड़ाया था, आज उसी नीति के तहत फोन पर बात करके सीसी मेम्बर से लेकर एसीएम स्तर के नक्सलियों का पुनर्वास कराया गया है, मैंने स्वयं कई नक्सलियों से बात की और मुख्यधारा में लेकर आये। हमारी नीति की सफलता इसी से साबित होती है कि जितने नक्सली मारे गए हैं, उससे चार गुना अधिक लोगों ने हथियार छोड़कर पुनर्वास का रास्ता अपनाया है।
-एनडीपीएस मामलों में पहली बार संपत्ति कुर्क
श्री शर्मा ने कहा कि सरकार ने नशे के खिलाफ भी अभूतपूर्व अभियान चलाया है। एनडीपीएस मामलों में पहली बार सफेमा कानून के तहत आरोपियों की संपत्तियां अटैच कर आर्थिक रूप से भी कार्रवाई की जा रही है।
-हम समस्याओं की राजनीति नहीं, समाधान की राजनीति करते हैं
अपने संबोधन के समापन में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि वर्तमान सरकार केवल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति नहीं करती, बल्कि हर समस्या का समाधान खोजने में विश्वास रखती है। गरीबों को आवास, महिलाओं को सम्मान राशि, आदिवासियों का विकास, पारदर्शी प्रशासन, मजबूत कानून व्यवस्था और नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई इन्हीं उपलब्धियों के कारण प्रदेश की जनता का विश्वास सरकार के साथ लगातार मजबूत हो रहा है।
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