• +91 99935 90905
  • amulybharat.in@gmail.com
ताज़ा समाचार और भी
मुसीबत में फंसे शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ; एड को लेकर FDA ने भेजा कारण बताओ नोटिस
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 16 अगस्त 2026,  04:08 PM IST
  • 84
तीनों अभिनेता अब FDA की जांच के दायरे में हैं। महाराष्ट्र FDA ने तंबाकू या निकोटीन वाले गुटखा और पान मसाला के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है

महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन, शाहरुख खान और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आरोप है कि इन कलाकारों का विमल इलायची का विज्ञापन, महाराष्ट्र में प्रतिबंधित विमल पान मसाला का अप्रत्यक्ष या सरोगेट विज्ञापन हो सकता है।

तीनों अभिनेता अब FDA की जांच के दायरे में हैं। महाराष्ट्र FDA ने तंबाकू या निकोटीन वाले गुटखा और पान मसाला के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसके लिए विभाग पुलिस के साथ मिलकर ऐसे मामलों में महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) लगाने की तैयारी भी कर रहा है, जहां प्रतिबंधित उत्पादों के पीछे संगठित नेटवर्क शामिल हों।

FDA ने तीनों अभिनेताओं से मांगा जवाब

इस हफ्ते जारी नोटिस में तीनों कलाकारों से विज्ञापन में उनकी भूमिका के बारे में जवाब मांगा गया है। FDA के मुताबिक, विज्ञापन में विमल ब्रांड को जिस तरह दिखाया गया है, उससे विमल पान मसाला से जुड़ाव बनता है और यह प्रतिबंधित उत्पाद के अप्रत्यक्ष प्रचार के दायरे में आ सकता है। अजय देवगन को नोटिस उनके जुहू स्थित घर, शाहरुख खान को बांद्रा स्थित मन्नत और टाइगर श्रॉफ को उनकी प्रोडक्शन कंपनी टाइगर श्रॉफ प्रोडक्शंस LLP के जरिए भेजा गया है।

नोटिस में कहा गया है कि विज्ञापन देखने के बाद पहली नजर में ऐसा लगता है कि यह विमल ब्रांड का प्रचार करता है, जिसका संबंध मुख्य रूप से पान मसाला से है। महाराष्ट्र में पान मसाला के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर एक साल के लिए रोक लगाई गई है। यह रोक 13 जुलाई 2026 को जारी आदेश के तहत लागू हुई है।

FDA का कहना है कि विज्ञापन की प्रस्तुति, डायलॉग, प्रोडक्ट का नाम और बाजार में उसकी पहचान इस सवाल को खड़ा करते हैं कि क्या यह तंबाकू से जुड़े प्रतिबंधित उत्पाद का अप्रत्यक्ष या सरोगेट प्रचार है। तीनों अभिनेता इस विज्ञापन में ब्रांड एंडोर्सर के तौर पर शामिल हैं।

FDA ने फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (FSS) Act, 2006 की धारा 24 का हवाला दिया है। यह धारा भ्रामक और गलत खाद्य विज्ञापनों पर रोक लगाती है। वहीं, धारा 53 के तहत भ्रामक खाद्य विज्ञापन के प्रकाशन में शामिल व्यक्ति पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। FDA ने फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स रेगुलेशन, 2018 का भी जिक्र किया है। तीनों अभिनेताओं से इस मामले में जवाब मांगा गया है।

कई मामलों में बढ़ी सख्ती

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब महाराष्ट्र FDA खाद्य सुरक्षा से जुड़े कई मामलों में सख्ती बढ़ा रहा है। इनमें मिलावटी दूध, रेस्टोरेंट में परोसा जाने वाला खाना, स्कूलों के आसपास जंक फूड की बिक्री और प्रतिबंधित गुटखा व तंबाकू वाले पान मसाला का निर्माण और बिक्री शामिल है। हाल के महीनों में विभाग ने कई जगहों पर जांच, छापेमारी और जब्ती की कार्रवाई तेज की है।


Add Comment


Add Comment






ताज़ा समाचार और भी
Get Newspresso, our morning newsletter