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सावन सोमवार पर अशोकधाम मंदिर में भगदड़, 7 श्रद्धालुओं की मौत; 12 से ज्यादा घायल
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 17 अगस्त 2026,  11:23 PM IST
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जलाभिषेक के लिए उमड़ी भारी भीड़ के बीच मची अफरातफरी, बिजली के पोल और करंट की अफवाह के बाद बिगड़े हालात

बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार पर बड़ा हादसा हो गया। भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए सुबह बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक भीड़ बढ़ने से अफरातफरी मच गई और भगदड़ की स्थिति बन गई। हादसे में अब तक 7 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 12 से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है।

कैसे हुआ हादसा?
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के कारण अशोकधाम मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी थी। इसी दौरान मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते पर अचानक भीड़ का दबाव बढ़ गया। रिपोर्टों के अनुसार, बैरिकेडिंग टूटने के बाद कई श्रद्धालु गिर पड़े और देखते ही देखते भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

कुछ रिपोर्टों में बिजली का पोल गिरने और उसके बाद करंट फैलने की अफवाह से श्रद्धालुओं में घबराहट फैलने की बात कही गई है। हालांकि, हादसे की पूरी वजह को लेकर प्रशासन की जांच जारी है और अलग-अलग शुरुआती रिपोर्टों में परिस्थितियों का विवरण अलग है।

मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया और घायलों को लखीसराय सदर अस्पताल भेजा गया। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

लखीसराय के जिलाधिकारी के मुताबिक, सावन के सोमवार को लेकर प्रशासन की ओर से भीड़ नियंत्रण के इंतजाम किए गए थे। सुबह अचानक श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से स्थिति बिगड़ी।

अब तक 7 श्रद्धालुओं की मौत
ताजा उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार हादसे में 7 श्रद्धालुओं की मौत हुई है और 12 से अधिक लोग घायल हैं। कुछ रिपोर्टों में मृतकों में महिलाओं की संख्या अधिक होने की जानकारी दी गई है। मृतकों और घायलों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।

प्राचीन है अशोकधाम मंदिर
लखीसराय का अशोकधाम मंदिर इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर के नाम से भी प्रसिद्ध है। सावन के महीने में यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। मंदिर से जुड़ी मान्यता के अनुसार यहां विशाल शिवलिंग जमीन की खुदाई के दौरान मिला था, जिसके बाद इस स्थान पर मंदिर का निर्माण हुआ।


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