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टीपी नहीं कट रहा, कच्ची पर्ची से चला रहे काम
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 27 सितम्बर 2024,  12:27 PM IST
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बैलाडीला इलाके में एनएमडीसी पिछले 66 वर्षों से लौह अयस्क खनन के काम में लगी हुई है। वहीं बाढ़ प्रबंधन न होने से आफत बढ़ती जा रही है।

दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के बैलाडीला इलाके में स्थापिक एनएमडीसी पिछले 66 वर्षों से लौह अयस्क खनन के काम में लगी हुई है। इसके लिए पहाड़ी क्षेत्र में एनएमडीसी माइन्स के कई निपेक्ष हैं।Image after paragraph जुलाई माह में ज्यादा बारिश होने के कारण एनएमडीसी खनन क्षेत्र की खदान 11 बी और 11 सी में आई बाढ़ ने चेकडेम नंबर 6 से होते हुए बंगाली कैंप से लेकर किरंदुल के कई वार्डों में भारी तबाही मचाई थी। इस तबाही से प्रभावितों को और राजस्व नुकसान की लगभग साढ़े सात करोड़ रुपए की भरपाई एनएमडीसी ने की थी।Image after paragraph बारिश थमने के बाद चेकडेम नंबर 6 जो कि, 6500 टन मीटर की क्षमता का बना हुआ है, पूरी तरह से लौह अयस्क से भर गया है।Image after paragraph एनएमडीसी इस लोह अयस्क को हरिशंकर मुखर्जी नामक ट्रांसपोर्टर से निकलवा रही है लेकिन 6500 घन मीटर क्षमता वाले चेकडेम पर कितना लौह अयस्क जमा है इसका पता लगाना जरूरी है। यह लौह अयस्क ट्रांसपोर्ट वन विभाग की अनुमति से होना चाहिए लेकिन आनन-फानन में लौह अयस्क चेकडेम नम्बर 6 से उठाकर सीधे एमबी साइडिंग में डम्प कर दिया जा रहा है।Image after paragraph जारी करेंगे टीपी- डीएफओ दंतेवाड़ा डीएफओ दंतेवाड़ा सागर जाधव ने कहा कि, हम टीपी जारी करेंगे लेकिन एक ही डम्प मटेरियल की दो बार टीपी जारी न हो जाए इसलिए अभी जारी नहीं कर रहे हैं। @GI@

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