• +91 99935 90905
  • amulybharat.in@gmail.com
छत्तीसगढ और भी
गरीबों का 24लाख का राशन डकार गए माफिया, अधिकारी मौन रहे
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 11 अप्रैल 2025,  09:29 AM IST
  • 2146
गरीबों का 24 लाख का राशन डकार गए माफिया, इंस्पेटर मौन रहे भिलाई के माफिया को किसका है सरक्षण 15 दुकान संदेह के दायरे में विभाग मौन

jwalaexpress.com: दुर्ग- भिलाई शहर में संचालित एक राशन दुकान संचालक के द्वारा लगभग 24 लाख रुपए का चावल गबन का मामला दुर्ग जिले में सामने आया ।

रायपुर भिलाई दुर्ग (ज्वाला एक्सप्रेस न्यूज) राज्य सरकार के द्वारा जारी आदेश के अनुसार दुकान दुकानों के भौतिक सत्यापन किए जाने के निर्देश प्राप्त हुए हैं। इसके बाद जिले में कई दुकानदारों और मिली भगत करने वाले इंस्पेटर के बीच जुगलबंदी की कहानी शुरू हो गई है। 

एक मामला दुर्ग शहर के पोलशाय पारा इलाके में संचालित राशन दुकान 1032 का सामने आया जिसकी शुरुआती भौतिक सत्यापन में तो 17 लाख 15000, 855 रुपए का अनुमानित राशन स्टॉक में कम होने की बात सामने आई ।Image after paragraph

खाद्य विभाग का फ़ूड इंस्पेटर के बीच जुगलबंदी ने इस कारनामे को कई महीनों से अंजाम दे रहे थे जिसकी भनक किसी को नही लग पाई

 

जिसके बाद आनन-फ़ानन में मामले दुकान को निलंबित कर दिया गया।

निलबंन के बाद फिर और कम हो गया स्टॉक 

खाद्य विभाग की टीम भौतिक सत्यापन में स्टॉक कम होना पाए जाने के तुरंत बाद दुकान को निलंबित करते हुए अन्य दुकान में अटैक कर दिया।

  दुकान हैंड ओवर करते समय फिर से एक बार स्टाफ का मूल्यांकन किया गया तब चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया जिसमें मूल्य दुकान के स्टॉक में भारी अंतर से देखने मिला और जो स्टॉक कम था उसकी अनुमानित लागत मूल्य जो बढ़कर 24 लाख 53,898 पहुंच गई।

कौन कौन है इस खेल में शामिल जानने के लिए बने रहे हमारे साथ www.jwalaexpress.com &amulybharat.in पर 9993590905

RO. NO 0002
RO. NO 13843/ 27

RO. NO 0002
RO. NO 13843/ 27

Add Comment


Add Comment

RO. NO 0002
676140620261012371007869232.jpg
RO. NO 13843/ 27
287060520260449541007062156.jpg
RO. NO 13843/ 27
921060520260450131007062156.jpg
RO. NO 0002
676140620261012371007869232.jpg
RO. NO 13843/ 27
287060520260449541007062156.jpg
RO. NO 13843/ 27
921060520260450131007062156.jpg





ताज़ा समाचार और भी
Get Newspresso, our morning newsletter