• +91 99935 90905
  • amulybharat.in@gmail.com
छत्तीसगढ और भी
बर्खास्त ​B.Ed सहायक शिक्षकों का आंदोलन खत्म:सीएम से मुलाकात के बाद मिला समायोजन का भरोसा, 126 दिनों तक चला प्रदर्शन
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 26 अप्रैल 2025,  01:20 PM IST
  • 800
बर्खास्त ​B.Ed सहायक शिक्षकों का आंदोलन खत्म:सीएम से मुलाकात के बाद मिला समायोजन का भरोसा, 126 दिनों तक चला प्रदर्शन

नवा रायपुर के तूता धरना स्थल में पिछले 126 दिनों से चल रहा बर्खास्त ​B.Ed सहायक शिक्षकों का आंदोलन खत्म हो गया है। सीएम विष्णुदेव साय से मुलाकात के बाद प्रदर्शनकारियों ने ये आंदोलन खत्म किया है।

सोमवार को इनके प्रतिनिधिमंडल ने नया रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की बात को गंभीरता से सुना और जल्द समाधान का भरोसा दिया।

मुख्यमंत्री ने दिया भरोसा

बीएड प्रशिक्षित सहायक शिक्षकों के प्रतिनिधियों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शासन इस मांग पर गंभीर है और जल्द ही समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।

उन्होंने प्रतिनिधियों को बताया कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति ने अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी है, जिसमें समायोजन की सिफारिश की गई है।

प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने खून से मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर विरोध जताया था।

समिति की रिपोर्ट पर सहमति

मुख्यमंत्री के साथ बैठक में यह भी तय हुआ कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनी समिति द्वारा दी गई रिपोर्ट को अमल में लाया जाएगा।

रिपोर्ट में यह सिफारिश की गई है कि बीएड प्रशिक्षित सहायक शिक्षकों को 'सहायक शिक्षक (प्रयोगशाला)' के पद पर समायोजित किया जाए। सरकार ने इस प्रक्रिया को जल्द शुरू करने का आश्वासन दिया है।

शिक्षकों ने जताया भरोसा

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे शिक्षकों ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद हमें विश्वास है कि अब शासन सकारात्मक पहल करेगा।

इसलिए हमने आंदोलन को सशर्त स्थगित कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि निर्धारित समय में कार्यवाही शुरू नहीं हुई, तो वे फिर से आंदोलन की राह पकड़ेंगे।

प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी कार्यालय का भी घेराव किया था।

प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी कार्यालय का भी घेराव किया था।

अलग-अलग तरीके से कर चुके हैं प्रदर्शन

बीएड प्रशिक्षित सहायक शिक्षक पिछले 126 दिनों से शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन कर रहे थे। उनकी प्रमुख मांग थी कि उन्हें नियमित सेवाओं में समायोजित किया जाए और भविष्य की नौकरी और वेतन सुरक्षा दी जाए। इस दौरान उन्होंने सरकार को कई बार ज्ञापन सौंपा, लेकिन समाधान नहीं मिलने पर आंदोलन जारी रहा।


Add Comment


Add Comment






ताज़ा समाचार और भी
Get Newspresso, our morning newsletter