• +91 99935 90905
  • amulybharat.in@gmail.com
छत्तीसगढ और भी
दृष्टि एवं श्रवण बाधित बच्चों के लिए शिक्षा का सफर अब होगा आसान : मुख्यमंत्री साय
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 1 मई 2025,  02:04 PM IST
  • 1493
दृष्टि एवं श्रवण बाधित बच्चों के लिए शिक्षा का सफर अब होगा आसान : मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री श्री साय ने रायपुर और बिलासपुर के डे-स्कॉलर विशेष बच्चों के लिए निःशुल्क बस सेवा का किया शुभारंभ*

रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास परिसर से दृष्टि एवं श्रवण बाधित बच्चों को एक बड़ी सौगात देते हुए दो विशेष बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये बसें रायपुर और बिलासपुर स्थित शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बाधित विद्यालयों में अध्ययनरत डे-स्कॉलर बच्चों को प्रतिदिन निःशुल्क घर से स्कूल और स्कूल से घर तक पहुंचाएंगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह सुविधा विशेष बच्चों के लिए न केवल सुगम और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करेगी, बल्कि उनके आत्मविश्वास, शिक्षा की निरंतरता और सामाजिक समावेश को भी मजबूती प्रदान करेगी।

उन्होंने कहा कि यह पहल उन माता-पिता के लिए भी राहत लेकर आएगी, जो अपने बच्चों की दैनिक आवाजाही को लेकर चिंतित रहते हैं, विशेष रूप से जब दोनों अभिभावक कार्यरत हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि हर विशेष आवश्यकता वाले बच्चे तक पहुँचा जाए और उन्हें एक बेहतर जीवन देने के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। यह बस सेवा केवल परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि विशेष बच्चों के जीवन में बदलाव लाने का माध्यम है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा तक पहुंच सभी बच्चों का अधिकार है और सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी शारीरिक बाधा के कारण कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

उल्लेखनीय है कि इन विशेष बसों के संचालन से रायपुर और बिलासपुर के सैकड़ों दृष्टि एवं श्रवण बाधित बच्चों को प्रतिदिन सम्मानजनक और सुरक्षित यात्रा का अवसर मिलेगा, जिससे वे मुख्यधारा की शिक्षा से सहज रूप से जुड़ सकेंगे।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक श्री भूलन सिंह मरावी एवं समाज कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

RO. NO 0002
RO. NO 13843/ 27

RO. NO 0002
RO. NO 13843/ 27

Add Comment


Add Comment

RO. NO 0002
676140620261012371007869232.jpg
RO. NO 13843/ 27
287060520260449541007062156.jpg
RO. NO 13843/ 27
921060520260450131007062156.jpg
RO. NO 0002
676140620261012371007869232.jpg
RO. NO 13843/ 27
287060520260449541007062156.jpg
RO. NO 13843/ 27
921060520260450131007062156.jpg





Get Newspresso, our morning newsletter