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छत्तीसगढ और भी
छत्तीसगढ़ में काम करने वाले मजदूरों का वेरिफिकेशन अनिवार्य
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 30 मई 2025,  08:55 PM IST
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जिन जिलों में ठेका श्रमिक ज्यादा वहां लागू, अवैध अप्रवासियों के बढ़ते मामले के बाद फैसला

छत्तीसगढ़ में बढ़ते अवैध अप्रवासी मामले के बाद अब लेबर्स वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है। अभी यह नया नियम दुर्ग भिलाई से शुरू हो रहा है। निर्माण से लेकर कारखानों तक जो भी ठेकेदार अपनी ओर से ठेका श्रमिक उपलब्ध करवा रहे हैं उन्हें अपने श्रमिकों का वेरिफिकेशन कराना होगा।

दुर्ग SP विजय अग्रवाल ने ये साफ कर दिया है कि लेबर क्राइसिस में जो ठेकेदार बाहर के लेबर को काम पर लगा रहे हैं, उनके लिए यह अनिवार्य होगा। जिन जिलों में ठेका श्रमिक ज्यादा है वहां अभी इसे लागू किया जा रहा है। बाद में पूरे प्रदेश में यह लागू होगा।

छत्तीसगढ़ में काम कर रहे मजदूरों का वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। (फाइल फोटो)
छत्तीसगढ़ में काम कर रहे मजदूरों का वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। (फाइल फोटो)

रायपुर में पकड़े गए थे बांग्लादेशी

हाल ही में रायपुर में बांग्लादेश से आकर कबाड़ी का काम कर रहे युवक पकड़ाए थे। वहीं, भिलाई में बांग्लादेशी युवक नाम बदलकर इंडस्ट्री में काम कर रहा था, जिसे पुलिस ने पकड़ा था। ऐसे ही रायगढ़ जिले में भी दूसरे राज्यों से आए अप्रवासी यहां रोजी मजदूरी करते पाए गए। जिसके बाद सुरक्षा की दृष्टि से यह फैसला लिया गया है।

दुर्ग पुलिस ने इस प्रकार के अवैध अप्रवासियों की सूचना देने के लिए एसटीएफ के मोबाइल नंबर भी जारी कर दिए हैं। इस नंबर 9827166418, 9479241784 में जानकारी देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

दस्तावेजों में पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य

इसे लेकर दुर्ग SP विजय अग्रवाल ने 28 मई को बैठक ली। जिसमें भिलाई इस्पात संयंत्र के ट्रेड यूनियन के पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में ठेका श्रमिकों के संबंध में जानकारी, गेट पास बनाने की प्रक्रिया और डॉक्यूमेंट्स में पुलिस वेरिफिकेशन को अनिवार्य किया गया।

इसके साथ ही अवैध अप्रवासियों के ठेका श्रमिक के रूप में कार्यरत कर्मचारियों की जानकारी साझा करने के लिए निर्देशित किया गया है। वहीं, बाहरी लोगों की गतिविधियों की जानकारी संबंधित थाना को तुरंत सूचना देने की भी बात कही गई।

SP विजय अग्रवाल ने पुलिस कंट्रोल रुम में 28 मई को बैठक ली थी।
SP विजय अग्रवाल ने पुलिस कंट्रोल रुम में 28 मई को बैठक ली थी।

रायपुर में भी कई घुसपैठिये मिले

2 महीने पहले छत्तीसगढ़ ATS ने रायपुर के तीन बांग्लादेशी भाइयों को पकड़ा था। आरोपियों ने फर्जी वोटर आईडी और आधार कार्ड के सहारे अपना फर्जी तरीके से पासपोर्ट बनवाया था। वे यहां कबाड़ी का काम कर रहे थे।

भिलाई में नाम बदलकर रह रहे थे दंपती

13 दिन पहले दुर्ग पुलिस की STF (स्पेशल टास्क फोर्स) ने कार्रवाई करते हुए बांग्लादेशी दंपती को गिरफ्तार किया था। भिलाई में पत्नी घरेलू काम करती थी और पति इंडस्ट्रीज में काम करता था। दोनों ने पासपोर्ट और वीजा के आधार पर भारत में प्रवेश किया। इस दौरान वीजा की डेट समाप्त हो गई थी। इसके बाद भी दोनों यहां अवैध तरीके से रह रहे थे।

रायगढ़ में पश्चिम बंगाल के रहने वाले कई मिले

 

रायगढ़ जिले में काफी संख्या में लोग यहां पश्चिम बंगाल से आकर रह रहे हैं। जांच में धरमजयगढ़ में 12 संदिग्ध मिले थे। जिन पर माइनर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। वहीं, लॉन्ग टर्म वीजा के साथ 7 लोग निवासरत हैं। जिसमें 2 पाकिस्तानी भाई-बहन के साथ ही 5 बांग्लादेशी हैं, जो लंबे समय से यहां लॉन्ग टर्म वीजा के साथ रह रहे हैं।

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