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दुर्ग में अवैध प्लाटिंग का गोरखधंधा जारी, निगम प्रशासन बना मूकदर्शक
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 4 जून 2025,  05:05 AM IST
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ज्वाला एक्सप्रेस न्यूज पोर्टल विशेष रिपोर्ट - दुर्ग में किन किन जगहों पर हो रहा है अवैध प्लाटिंग और बेधड़क कैसे मिल जा रहा है भवन अनुज्ञा, विद्युत,जल सहित जरुरी कार्य के लिए अनुमति कैसे मिलता है राजनीतिक सरक्षण..... 2 अंक पर

दुर्ग में अवैध प्लाटिंग का गोरखधंधा जारी, निगम प्रशासन बना मूकदर्शक

दुर्ग। शहर में अवैध प्लाटिंग का कारोबार तेजी से पैर पसार रहा है, लेकिन नगर निगम दुर्ग इस गंभीर समस्या पर आंखें मूंदे हुए है। बिना अनुमति के ज़मीन को प्लॉट में बाँटकर बेचा जा रहा है, जिससे न केवल शहरी विकास प्रभावित हो रहा है, बल्कि लोगों को भविष्य में कानूनी और बुनियादी सुविधाओं की गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

क्या है अवैध प्लाटिंग?

बिना वैध स्वीकृति, नियमों और नक्शे के ज़मीन को छोटे-छोटे टुकड़ों में बाँटना और उसे बेच देना अवैध प्लाटिंग के अंतर्गत आता है। ऐसा करना नगर तथा ग्राम निवेश विभाग (टीएनसीपी) के नियमों के खिलाफ है और यह कानूनन अपराध है।

शहर में फैलती समस्या

दुर्ग शहर के विभिन्न इलाकों में यह अवैध प्लाटिंग धड़ल्ले से जारी है। कॉलोनाइज़र बिना किसी अनुमति के सस्ते दामों पर प्लॉट बेच रहे हैं। कई कॉलोनियों में न तो सड़क है, न नाली और न ही जल निकासी की कोई योजना। इसके चलते वहां रहने वाले लोगों को बुनियादी सुविधाओं का अभाव झेलना पड़ रहा है।

निगम की चुप्पी पर सवाल

नगर निगम दुर्ग को इस गोरखधंधे की जानकारी मिलने के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें की गईं, लेकिन निगम प्रशासन हर बार कार्रवाई का आश्वासन देकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल देता है।

लोगों की चिंता

इस तरह की अवैध प्लाटिंग से लोगों को भविष्य में संपत्ति के कानूनी हक, नामांतरण, और आधारभूत संरचना से जुड़ी बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। लोगों में भय है कि कहीं उनकी मेहनत की कमाई कहीं धोखा न बन जाए।

प्रशासन की अपील और मौन रवैया

हाल ही में प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अवैध प्लाटिंग की जानकारी उपलब्ध कराएं। लेकिन विडंबना यह है कि शिकायतें मिलने के बावजूद न तो कोई जांच हो रही है और न ही दोषियों पर कोई ठोस कानूनी कार्रवाई। इससे आमजन में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

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