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वरिष्ठ आरक्षकों के लिए अनुसंधान प्रशिक्षण सह-कार्यशाला प्रारंभ
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 17 जून 2025,  02:53 PM IST
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वरिष्ठ आरक्षकों के लिए अनुसंधान प्रशिक्षण सह-कार्यशाला प्रारंभ

पुलिस अधिकारियों ने एफआईआर से चालान तक की प्रक्रिया पर दी गहन जानकारी

भिलाई नगर — जिला दुर्ग में पदस्थ वरिष्ठ आरक्षकों की अनुसंधान संबंधी दक्षता को बढ़ाने हेतु एक पाँच दिवसीय प्रशिक्षण सह-कार्यशाला का शुभारंभ आज नियंत्रण कक्ष, सेक्टर-6, भिलाई नगर में हुआ। इस कार्यशाला का उद्देश्य वरिष्ठ आरक्षकों को अनुसंधान की बारीकियों से अवगत कराते हुए उन्हें व्यवहारिक ज्ञान प्रदान करना है।

 

इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल (भापुसे), सेवानिवृत्त उप पुलिस अधीक्षक राकेश जोशी एवं अजीत यादव विशेष रूप से उपस्थित रहे।

 विजय अग्रवाल ने प्रशिक्षणार्थियों को प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) से लेकर माननीय न्यायालय में चालान प्रस्तुत करने की सम्पूर्ण प्रक्रिया का विस्तृत विवरण देते हुए बताया कि छोटे-छोटे प्रकरणों में भारतीय न्याय संहिता (बी.एन.एस.) की धाराओं का उपयोग कैसे किया जाए।

इसके पश्चात् राकेश जोशी ने मारपीट के विभिन्न प्रकरणों जैसे – साधारण चोट, गंभीर चोट, प्राणघातक हमला आदि से जुड़ी प्रारंभिक जानकारी, सूचना प्राप्ति एवं एफआईआर लेखन की विधियों पर प्रशिक्षण दिया।

 अजीत यादव ने सड़क दुर्घटना से संबंधित मामलों में घायल अथवा मृत व्यक्तियों की जानकारी, घटना की सूचना प्राप्त करने की प्रक्रिया, तथा एफआईआर लिखने की तकनीकी बिंदुओं को विस्तार से समझाया।

कार्यशाला में सुखनंदन राठौर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) दुर्ग, चन्द्र प्रकाश तिवारी, उप पुलिस अधीक्षक (लाईन) दुर्ग, नीलकंठ वर्मा, रक्षित निरीक्षक दुर्ग सहित जिले के समस्त अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यशाला का उद्देश्य अनुसंधानात्मक दक्षता में सुधार कर न्यायिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाना है। आगामी चार दिनों तक यह प्रशिक्षण विभिन्न विषयों पर जारी रहेगा।

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