• +91 99935 90905
  • amulybharat.in@gmail.com
छत्तीसगढ और भी
सुरक्षा और संस्कारों का संगम: ब्रह्माकुमारीज आनंद सरोवर दुर्ग में रक्षाबंधन एवं सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम सम्पन्न
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 4 अगस्त 2025,  11:05 AM IST
  • 479
एस.एस.पी. विजय अग्रवाल बोले – "सुरक्षा का पहला कदम संवाद है, साइबर फ्रॉड से बचाव खुद आपके हाथ में है"

दुर्ग – प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, आनंद सरोवर बघेरा दुर्ग स्थित "कमला दीदी सभागार" में रक्षाबंधन एवं सामाजिक सुरक्षा पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर दुर्ग के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्रह्माकुमारी रीटा दीदी, संचालन ब्रह्माकुमारी चैतन्य प्रभा दीदी द्वारा किया गया। नगर के अनेक प्रबुद्धजन भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

कार्यक्रम की शुरुआत ब्रह्माकुमारी रीटा दीदी ने रक्षाबंधन के आध्यात्मिक अर्थ को उजागर करते हुए की। उन्होंने कहा –

“रक्षाबंधन दो पवित्र शब्दों ‘प्योरिटी’ और ‘प्रोटेक्शन’ का प्रतीक है। यह पर्व केवल राखी बांधने का नहीं, बल्कि बुराइयों का त्याग कर श्रेष्ठ संकल्प लेने का है। अगर हम श्रेष्ठ संस्कार अपनाएं, तो श्रेष्ठ समाज का निर्माण संभव है। वर्तमान समय में यही संदेश परमात्मा शिव इस ईश्वरीय विश्वविद्यालय के माध्यम से दे रहे हैं।”

Image after paragraph

मुख्य वक्ता एसएसपी विजय अग्रवाल ने साइबर अपराध और सामाजिक सुरक्षा पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा 

“आज के युग में सबसे बड़ी चुनौती साइबर फ्रॉड है, जिसकी चाबी आपके ही मोबाइल और लैपटॉप में है। प्रतिदिन दर्ज होने वाली 100 शिकायतों में से 7-8 साइबर फ्रॉड से जुड़ी होती हैं। हमारी एक गलती या आदत ही अपराधियों का सबसे बड़ा हथियार बनती है।”

Image after paragraph

उन्होंने उपस्थित नागरिकों से अपने घरों में सीसीटीवी लगाने, ऑनलाइन व्यवहार में सावधानी बरतने तथा बच्चों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने की अपील की।

“अगर आप अच्छे अभिभावक बनना चाहते हैं, तो बच्चों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर ध्यान दें। संवाद से ही 50% समस्याएं हल हो जाती हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि सामाजिक सुरक्षा सिर्फ पुलिस का काम नहीं, बल्कि हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम में उपस्थित सभी भाई-बहनों को ब्रह्माकुमारी रीटा दीदी ने रक्षा सूत्र बांधा और मुख मीठा कराया, वहीं मंच संचालन चैतन्य प्रभा दीदी द्वारा सहज भाव से किया गया।

RO. NO 0002
RO. NO 13843/ 27

RO. NO 0002
RO. NO 13843/ 27

Add Comment


Add Comment

RO. NO 0002
676140620261012371007869232.jpg
RO. NO 13843/ 27
287060520260449541007062156.jpg
RO. NO 13843/ 27
921060520260450131007062156.jpg
RO. NO 0002
676140620261012371007869232.jpg
RO. NO 13843/ 27
287060520260449541007062156.jpg
RO. NO 13843/ 27
921060520260450131007062156.jpg





Get Newspresso, our morning newsletter