• +91 99935 90905
  • amulybharat.in@gmail.com
अपराध और भी
इलाज के लिए दी अपनी ही बच्ची की बलि, लाश को जंगल में फेंक आए माता-पिता
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 10 अक्टूबर 2024,  11:19 PM IST
  • 148
मुजफ्फरनगर। यूपी के मुजफ्फरनगर जिले में पुलिस ने बीमारियों के इलाज के लिए एक तांत्रिक की सलाह पर अपनी ही एक महीने की बच्ची की बलि देने के आरोप में एक दंपति को गिरफ्तार किया है। अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण क्षेत्र) आदित्य बंसल ने गुरुवार को बताया कि गोपाल कश्यप और उसकी पत्नी ममता को बुधवार रात भोपा थाना क्षेत्र के बेलदा गांव में अपनी ही बच्ची की हत्या के मामले में हिरासत में लिया गया था। पूछताछ के दौरान दोनों ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए अपनी बच्ची की हत्या का जुर्म कुबूल कर लिया तंत्र क्रियाओं के बाद दी बच्ची की बलि पूछताछ में खुलासा हुआ है कि ममता काफी समय से बीमार थी और एक तांत्रिक ने सलाह दी थी कि अगर बीमारियों से छुटकारा पाना है तो अपनी ही एक माह की बच्ची की बलि देनी होगी। इस पर दम्पति ने बच्ची की बलि देकर उसका शव जंगल में छुपा दिया था। दंपति मंगलवार को बच्ची को जंगल में ले गए। वहां तांत्रिक ने तंत्र क्रियाओं के बाद बच्ची की बलि दे दी और लाश को जंगल में फेंक कर वापस लौट आए। जंगल में मिले बच्ची के कपड़े यह मामला तब सामने आया जब पड़ोसियों ने बच्ची के लापता होने पर शक जताते हुए पुलिस को इसकी सूचना दी थी। बुधवार सुबह ग्रामीणों ने बच्ची को गोपाल के घर पर नहीं देखा तो उन्होंने उसके बारे में पूछा। संतोषजनक जवाब नहीं देने पर उन्हें शक हुआ। बुधवार को दिन भर इस बात की चर्चा होती रही और शाम होते-होते मामले की सूचना पुलिस तक पहुंच गई। डॉग स्क्वायड और फील्ड यूनिट के साथ भारी पुलिस बल और अधिकारियों ने बच्ची की तलाश में पूरी रात जंगल खंगाला, लेकिन बच्ची का कोई अता-पता नहीं चल सका। हालांकि जिस स्थान पर तांत्रिक क्रिया की गई थी, वहां आसपास में ही बच्ची के कपड़े जरूर मिल गए। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दम्पति के बयान के आधार पर बच्ची के शव की तलाश की जा रही है। साथ ही हरेंद्र नामक उस तांत्रिक को भी पकडऩे की कोशिश की जा रही है जिसने उन्हें बीमारी के इलाज के लिए बच्ची की हत्या करने की सलाह दी थी।

RO. NO 13783/ 27

RO. NO 13783/ 27

Add Comment


Add Comment

RO. NO 13783/ 27
287060520260449541007062156.jpg
RO. NO 13783/ 27
921060520260450131007062156.jpg
RO. NO 13783/ 27
287060520260449541007062156.jpg
RO. NO 13783/ 27
921060520260450131007062156.jpg





Get Newspresso, our morning newsletter