• +91 99935 90905
  • amulybharat.in@gmail.com
छत्तीसगढ और भी
महापौर अलका बाघमार ने महिलाओं संग मनाया “करू भात भोज
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 24 अगस्त 2025,  09:04 PM IST
  • 386
महापौर अलका बाघमार ने महिलाओं संग मनाया “करू भात भोज

 तीजहारिन महिला संग सादगी और आत्मीयता का आयोजन,करेला-भात और खीरे से निभाई गई लोक परंपरा:

महापौर ने कहा– तीजा पर्व सामाजिक एकता और संस्कृति का प्रतीक

दुर्ग/नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने रविवार की शाम अपने सरकारी आवास एफ-4 पर विशेष “करू भात भोज” का आयोजन किया। सभी तीज हारिन को आमंत्रित कर तीजा पर्व से जुड़ी पारंपरिक रस्म निभाई गई।

तीजा पर्व की परंपरा का निर्वाह

महापौर अलका बाघमार ने बताया कि छत्तीसगढ़ और मध्य भारत में तीजा पर्व महिलाओं का महत्वपूर्ण त्योहार है। इस पर्व में महिलाएं अपने परिवार की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करती हैं। “करू भात” भोज इस पर्व का पहला चरण होता है, जिसमें महिलाएं करेला और भात का सेवन करती हैं और उसके बाद खीरा खाकर विश्राम करती हैं।

उन्होंने कहा कि यह पर्व केवल धार्मिक महत्व का नहीं बल्कि लोक परंपराओं और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है।इस अवसर पर भारी संख्या में महिलाएं मौजूद रही

सादगी और आत्मीयता का वातावरण

कार्यक्रम के दौरान महापौर अलका बाघमार ने स्वयं भोजन परोसकर महिला अधिकारियों और कर्मचारियों का सम्मान किया। सादगी भरे इस आयोजन में परंपरागत भोजन की थाल सजाई गई, जिसमें करेला-भात के साथ अन्य व्यंजन भी रखे गए थे।मौके पर उपस्थित महिला कर्मचारियों ने भी एक-दूसरे के साथ पर्व की परंपरा साझा की और इसे सांस्कृतिक धरोहर बताया।

महापौर का संदेश

महापौर श्रीमती बाघमार ने कहा तीजा पर्व हमारी मातृशक्ति का प्रतीक है। यह पर्व हमें अपनी जड़ों से जोड़े रखता है और सामाजिक व पारिवारिक एकता को मजबूत करता है। नगर निगम परिवार भी इसी भावना से एकजुट है। महिलाओं के योगदान के बिना समाज अधूरा है, और आज का यह आयोजन उनकी शक्ति और परंपरा को सम्मान देने का एक छोटा सा प्रयास है।”

महिला कर्मचारियों की प्रतिक्रिया

नगर निगम की महिला अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने महापौर का धन्यवाद देते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन से उन्हें सम्मान और अपनापन मिलता है। कई महिलाओं ने बताया कि रोज़मर्रा की व्यस्तता के बीच इस प्रकार के पारंपरिक कार्यक्रम उन्हें अपनी संस्कृति से जोड़े रखते हैं।

सामाजिक एकता का संदेश

पूरे आयोजन में सौहार्द और उत्साह का वातावरण देखने को मिला। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में आईं और एक-दूसरे को तीजा पर्व की शुभकामनाएँ दीं। महापौर ने सभी को परिवार और नगर की समृद्धि की कामना करते हुए तीजा पर्व की बधाई दी।

RO. NO 0002
RO. NO 13843/ 27

RO. NO 0002
RO. NO 13843/ 27

Add Comment


Add Comment

RO. NO 0002
676140620261012371007869232.jpg
RO. NO 13843/ 27
287060520260449541007062156.jpg
RO. NO 13843/ 27
921060520260450131007062156.jpg
RO. NO 0002
676140620261012371007869232.jpg
RO. NO 13843/ 27
287060520260449541007062156.jpg
RO. NO 13843/ 27
921060520260450131007062156.jpg





Get Newspresso, our morning newsletter