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जिला न्यायालय दुर्ग का मध्यस्थता केन्द्र बना मिसाल, अवकाश के दिन भी न्याय सुनिश्चित
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 28 अगस्त 2025,  07:00 PM IST
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जिला न्यायालय दुर्ग का मध्यस्थता केन्द्र बना मिसाल, अवकाश के दिन भी न्याय सुनिश्चित

दुर्ग।न्यायालयीन प्रणाली में लंबित वादों के शीघ्र एवं सौहार्दपूर्ण निपटारे की दिशा में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा मध्यस्थता की अनूठी पहल ने नई मिसाल कायम की है।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं माननीय उच्चतम न्यायालय की मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति (एमसीपीसी) के संयुक्त निर्देशन में 01 जुलाई से 07 अक्टूबर 2025 तक चल रहे 90 दिवसीय कार्यक्रम “मीडियेशन फॉर द नेशन” के अंतर्गत यह पहल की जा रही है।

अवकाश के दिन भी न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में जिला न्यायालय दुर्ग के मध्यस्थता केन्द्र में 28 अगस्त 2025 को तीन प्रकरणों की सुनवाई आयोजित की गई। मध्यस्थता केन्द्र प्रभारी एवं मध्यस्थों ने व्यक्तिगत सुविधाओं का त्याग कर न्याय दान को प्राथमिकता दी। परिणामस्वरूप तीनों मामलों में आपसी समझौते से विवादों का समाधान हो सका।

पक्षकारों ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों से लंबित विवाद का निराकरण मध्यस्थता के माध्यम से अवकाश के दिन कुछ ही समय में संभव हो सका।

यह पहल न केवल विवाद समाधान की दिशा में मील का पत्थर है, बल्कि समाज को यह संदेश भी देती है कि आपसी सहयोग और संवाद से हर समस्या का समाधान संभव है—चाहे अवकाश का दिन ही क्यों न हो।

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