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एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जन्म जयंती पर भाजपा जनों ने किया उन्हें नमन
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 25 सितम्बर 2025,  02:33 PM IST
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एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जन्म जयंती पर भाजपा जनों ने किया उन्हें नमन

एकात्मा मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय के द्वारा एक सशक्त राष्ट्र के रूप में भारत को बेहतर बनाने के लिए उनके योगदान निरंतर प्रेरित करते रहेंगे - सुरेंद्र कौशिक

भाजपा के सिवा पखवाड़ा कार्यक्रम के अंतर्गत एकात्म मानववाद के प्रणेता, महान चिंतक, अंत्योदय के प्रणेता, युवाओं के प्रेरणा स्रोत, त्याग एवं तपस्या की प्रतिमूर्ति पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 109वीं जयंती के अवसर पर दुर्ग जिला भाजपा कार्यालय में जिला अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित भाजपा जनों ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर तिलक कर एवं माल्यार्पण करके अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की इस अवसर पर मुख्य रूप से जिला भाजपा अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक महापौर अलका बाघमार सभापति श्याम शर्मा भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त जिला महामंत्री दिलीप साहू, उपाध्यक्ष शिवेंद्र परिहार, सरिता मिश्रा, मनोज सोनी, अशोक राठी, राजीव पांडेय , वरिष्ठ भाजपा नेता प्रितपाल बेलचंदन अजय तिवारी उपस्थित रहे |

      इस अवसर पर जिला भाजपा अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक ने कहा कि एकात्मा मानववाद के प्रणेता लक्ष्य अंत्योदय, पथ अंत्योदय, प्रण अंत्योदय के विचारक पंडित दीनदयाल उपाध्याय के बारे में बोलना मतलब चांद को दीपक दिखाने के बराबर है जिला भाजपा अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चिन्तक और संगठनकर्ता थे। वे भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष भी रहे। उन्होंने भारत की सनातन विचारधारा को युगानुकूल रूप में प्रस्तुत करते हुए देश को एकात्म मानववाद नामक विचारधारा दी। वे एक समावेशित विचारधारा के समर्थक थे जो एक मजबूत और सशक्त भारत चाहते थे। राजनीति के अतिरिक्त साहित्य में भी उनकी गहरी अभिरुचि थी। उन्होंने हिन्दी और अंग्रेजी भाषाओं में कई लेख लिखे, जो विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में भी प्रकाशित हुए l

  जिला अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक ने आगे कहा कि संघ के माध्यम से ही उपाध्याय जी राजनीति में आये। 21 अक्टूबर 1951 को डॉ० श्यामाप्रसाद मुखर्जी की अध्यक्षता में 'भारतीय जनसंघ' की स्थापना हुई। गुरुजी (गोलवलकर जी) की प्रेरणा इसमें निहित थी। 1952 में इसका प्रथम अधिवेशन कानपुर में हुआ। उपाध्याय जी इस दल के महामंत्री बने। इस अधिवेशन में पारित 15 प्रस्तावों में से 7 उपाध्याय जी ने प्रस्तुत किये। डॉ० मुखर्जी ने उनकी कार्यकुशलता और क्षमता से प्रभावित होकर कहा- "यदि मुझे दो दीनदयाल मिल जाएं, तो मैं भारतीय राजनीति का नक्शा बदल दूँ।" मैं आज भारतीय जनता पार्टी के सभी सदस्यों से आग्रह करता हूं कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के बताए हुए सब मार्ग पर चलकर अपना जीवन सार्थक बनाएं |

    आयोजित कार्यक्रम में जिला मंत्री गिरेश साहू,नवीन पवार, शैलेंद्र सैंडे, कार्यालय मंत्री सैयद आसिफ अली, सह कार्यालय मंत्री राहुल पंडित, मीडिया प्रभारी राजा महोबिया, आईटी सेल जिला संयोजक जितेंद्र सिंह राजपूत मंडल भाजपा अध्यक्ष महेंद्र लोढ़ा, बंटी चौहान, कमलेश फेकर, साजन जोसेफ, अनिल यादव, नवीन साहू, आशीष निमजे, विक्रम सिंह ठाकुर,नीलेश अग्रवाल, ज्ञानेश्वर ताम्रकार, शारदा गुप्ता , मनीष भंडारी ,दिनेश नालोडे, शीतल जांगिड़, डॉ भारती साहू,क्षमा तिवारी, मोनिका ताम्रकार, अश्वनी साहू, सहित भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी कार्यकर्ता उपस्थित रहे |

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