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छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय,बिलासपुर का आदेश — अधिकारीयों के नाम से दायर याचिका त्रुटिपूर्ण,नगर निगम दुर्ग और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के विरुद्ध याचिका
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 11 नवम्बर 2025,  02:39 PM IST
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दुर्ग में पुलिस परिवार के महासम्मेलन को रोकने विवेकानन्द भवन में प्रशासन ने ताला जड़ दिया था बताया जा रहा था की पुलिस परिवार के महासम्मेलन को अनुमति नही .... नगर निगम दुर्ग और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के विरुद्ध याचिका प्रस्तुत कर आर्थिक क्षति, मानसिक उत्पीड़न तथा प्रतिष्ठा को हुए नुकसान के लिए मुआवजे की मांग की थी।

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर का आदेश — अधिकारीयों के नाम से याचिका दायर करना पाया गया त्रुटिपूर्ण

दुर्ग। उच्च न्यायालय बिलासपुर में उज्ज्वल दीवान बनाम विजय अग्रवाल एवं अन्य प्रकरण (WPC No. 5451/2025) की सुनवाई 16 अक्टूबर 2025 को माननीय न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा की एकल पीठ ने की।

याचिकाकर्ता उज्ज्वल दीवान ने नगर निगम दुर्ग और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के विरुद्ध याचिका प्रस्तुत कर आर्थिक क्षति, मानसिक उत्पीड़न तथा प्रतिष्ठा को हुए नुकसान के लिए मुआवजे की मांग की थी। साथ ही, सम्मेलन की अनुमति प्रदान करने एवं दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही की भी मांग की गई थी।

राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता श्री ऋषभ बिसेन ने यह आपत्ति उठाई कि याचिकाकर्ता ने सभी सरकारी अधिकारियों को उनके पदनाम के बजाय व्यक्तिगत नाम से पक्षकार बनाया है, जो प्रक्रिया की दृष्टि से त्रुटिपूर्ण है।

न्यायालय ने यह स्वीकार करते हुए कहा कि याचिका “नाम से” दाखिल की गई है, जबकि इसे संबंधित अधिकारियों के पदनाम के रूप में दाखिल किया जाना चाहिए था। इस कारण याचिका में दोष पाया गया।Image after paragraph

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता श्री जानू खरे ने न्यायालय से याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी ताकि उचित शीर्षक (cause title) के साथ नई याचिका प्रस्तुत की जा सके।

न्यायालय ने याचिकाकर्ता को अनुमति देते हुए आदेश दिया कि —

“वर्तमान याचिका वापस ली जाती है, याचिकाकर्ता को उचित कारण शीर्षक के साथ नई याचिका दायर करने की स्वतंत्रता प्रदान की जाती है।”

— माननीय न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर

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