• +91 99935 90905
  • amulybharat.in@gmail.com
छत्तीसगढ और भी
सरकार की किसान हितैषी नीतियों से बढ़ा किसानों का भरोसा
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 22 नवम्बर 2025,  08:05 AM IST
  • 232
सरकार की किसान हितैषी नीतियों से बढ़ा किसानों का भरोसा

तुंहर टोकन मोबाइल ऐप से मिल रही घर बैठे टोकन की सुविधा : श्री रामसाय यादव

रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में धान खरीदी का महापर्व इस वर्ष भी सुगमता और पारदर्शिता के साथ मनाया जा रहा है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की धान खरीदी ने किसानों के बीच नई उम्मीद और उत्साह जगाया है। प्रदेश के किसान अपनी उपज का उचित मूल्य पाकर संतुष्ट हैं तथा बड़ी संख्या में धान खरीदी केंद्रों में पहुँचकर विक्रय कर रहे हैं। प्रशासन ने सभी केंद्रों में किसानों की सुविधा के लिए बेहतर और सुव्यवस्थित प्रबंध सुनिश्चित किए हैं।

जांजगीर चांपा जिले के खरौद के किसान श्री रामसाय यादव आज धान उपार्जन केंद्र खरौद में धान विक्रय के लिए पहुँचे। केंद्र पहुँचने पर जिला कलेक्टर ने उन्हें फूल-माला पहनाकर और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। श्री रामसाय यादव ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इस वर्ष धान खरीदी व्यवस्था पहले से कहीं अधिक बेहतर और किसान-मित्र साबित हो रही है।

उन्होंने बताया कि धान खरीदी से एक दिन पूर्व ही उन्होंने तुंहर टोकन मोबाइल ऐप के माध्यम से घर बैठे ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर लिया था। पहले टोकन जारी होने के लिए सोसायटी में घंटों इंतजार करना पड़ता था, परंतु अब डिजिटल व्यवस्था से किसानों को बड़ी राहत मिली है।

श्री रामसाय यादव ने लगभग 15 क्विंटल धान का विक्रय किया। उन्होंने बताया कि खरीदी केंद्र में नमी परीक्षण, बारदाना उपलब्धता, धान भराई, तौल और पर्ची निर्गत— सभी प्रक्रियाएँ समयबद्ध और बिना किसी परेशानी के संपन्न हुईं।

उन्होंने कहा कि 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और प्रति एकड़ 21 क्विंटल खरीदी सीमा जैसे निर्णय किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी हैं, जिससे खेती अब और अधिक आर्थिक रूप से मजबूत हो रही है।

सरकार की किसान हितैषी नीतियों और डिजिटल सेवाओं के कारण किसानों में भरोसा और उत्साह लगातार बढ़ रहा है।

RO. NO 0002
RO. NO 13843/ 27

RO. NO 0002
RO. NO 13843/ 27

Add Comment


Add Comment

RO. NO 0002
676140620261012371007869232.jpg
RO. NO 13843/ 27
287060520260449541007062156.jpg
RO. NO 13843/ 27
921060520260450131007062156.jpg
RO. NO 0002
676140620261012371007869232.jpg
RO. NO 13843/ 27
287060520260449541007062156.jpg
RO. NO 13843/ 27
921060520260450131007062156.jpg





Get Newspresso, our morning newsletter