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महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013 तथा शी-बाक्‍स पोर्टल विषय पर जिला स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का हुआ आयोजन
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 26 फरवरी 2026,  06:34 PM IST
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महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013 तथा शी-बाक्‍स पोर्टल विषय पर जिला स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का हुआ आयोजन

दुर्ग। जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रेरणा सभा कक्ष में आज महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित महत्वपूर्ण कानूनों पर जिला स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में महिलाओं तथा बच्चों के अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956, महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम, 2013 तथा शी-बाक्‍स पोर्टल के प्रावधानों पर विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री आर.के. जाम्बुलकर द्वारा अतिथियों एवं प्रतिभागियों के स्वागत के साथ किया गया। कार्यशाला में अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम 1956 के संबंध में एडिशनल एस.पी. श्रीमती चित्रा वर्मा ने विस्तृत जानकारी प्रदान की।

कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम 2013 के विषय में विषय विशेषज्ञ श्रीमती रचना नायडू ने अधिनियम के प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सभी शासकीय एवं अशासकीय कार्यालयों, संस्थानों, कारखानों, दुकानों, प्रतिष्ठानों एवं शॉपिंग मॉल आदि में, जहां 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य है। उन्होंने महिलाओं के कानूनी अधिकारों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक महिला को सुरक्षित कार्यस्थल का अधिकार, घटना के तीन माह के भीतर शिकायत दर्ज करने का अधिकार, गोपनीयता का अधिकार (नाम सार्वजनिक नहीं किया जाएगा), जांच के दौरान सुरक्षा (स्थानांतरण, अवकाश आदि) तथा निष्पक्ष जांच का अधिकार प्राप्त है। नियोक्ताओं की जिम्मेदारियों पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि आंतरिक शिकायत समिति का गठन, कर्मचारियों को पॉश प्रशिक्षण प्रदान करना, शिकायतों पर समयबद्ध कार्यवाही, वार्षिक रिपोर्ट तैयार करना तथा कानून का पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है। समिति का गठन न करने पर 50,000 रुपये तक जुर्माना एवं लाइसेंस निरस्तीकरण का प्रावधान है। दोष सिद्ध होने पर लिखित माफी, वेतन कटौती, पदावनति, सेवा से निष्कासन तथा आवश्यकतानुसार पुलिस कार्रवाई भी की जा सकती है। कार्यशाला में सभी कार्यालयों को अपने संस्थान एवं आंतरिक शिकायत समिति को शी-बाक्‍स पोर्टल पर ऑनबोर्ड करने के संबंध में भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम के अंत में जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री अजय कुमार साहू ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सभी अशासकीय प्रतिष्ठानों में आंतरिक शिकायत समिति के गठन एवं उसे शी-बाक्‍स पोर्टल पर ऑनबोर्ड कराने हेतु संगठन प्रमुखों से सहयोग का अनुरोध किया।

       इस अवसर पर चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष श्री अनूप गटागट, महिला विंग की अध्यक्ष श्रीमती मानसी गुलाटी, लघु उद्योग भारती की अध्यक्ष श्रीमती सी.पी. दुबे, चेम्बर ऑफ कॉमर्स के प्रदेश अध्यक्ष श्री शिव चन्द्राकर, श्री विजय अग्रवाल सहित विभिन्न अशासकीय प्रतिष्ठानों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। महिला एवं बाल विकास अधिकारी तथा अन्य अधिकारी-कर्मचारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

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