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मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के प्रशासन, ऊर्जा, भर्ती प्रणाली, राजस्व व्यवस्था और खेल अधोसंरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 10 मार्च 2026,  10:19 PM IST
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मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के प्रशासन, ऊर्जा, भर्ती प्रणाली, राजस्व व्यवस्था और खेल अधोसंरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंगलवार 10 मार्च 2026 को विधानसभा स्थित उनके कक्ष में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के प्रशासन, ऊर्जा, भर्ती प्रणाली, राजस्व व्यवस्था और खेल अधोसंरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने विभिन्न विधेयकों के प्रारूप को स्वीकृति देने के साथ-साथ विकास योजनाओं और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े प्रस्तावों पर भी सहमति जताई।
कैबिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी गई। इस विधेयक का उद्देश्य राज्य में एक धर्म से दूसरे धर्म में परिवर्तन के लिए बल प्रयोग, प्रलोभन, कपटपूर्ण नीति, अनुचित प्रभाव या मिथ्या निरूपण जैसे तरीकों पर प्रभावी रोक लगाना है, ताकि धार्मिक स्वतंत्रता के साथ-साथ कानून व्यवस्था और सामाजिक संतुलन बना रहे।
बैठक में मंत्रिपरिषद की उप-समिति द्वारा अनुशंसित विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े 13 प्रकरणों को न्यायालय से वापस लेने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। सरकार का मानना है कि ऐसे मामलों को समाप्त करने से आंदोलन से जुड़े लोगों को राहत मिलेगी।
ऊर्जा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने अपारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर आधारित संयंत्रों और परियोजनाओं के लिए अनुदान दर तय करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके तहत क्रेडा द्वारा स्थापित किए जाने वाले सोलर हाईमास्ट संयंत्रों के लिए वर्ष 2024-25 और 2025-26 में 1 लाख 50 हजार रुपये का राज्य अनुदान दिया जाएगा। वहीं वर्ष 2026-27 और आगामी वर्षों के लिए निविदा दर का 30 प्रतिशत या अधिकतम 1 लाख 50 हजार रुपये (जो कम हो) अनुदान के रूप में दिया जाएगा।
इसी तरह घरेलू बायोगैस संयंत्रों को प्रोत्साहित करने के लिए वर्ष 2024-25 और 2025-26 में 2 से 6 घन मीटर क्षमता तक के संयंत्रों पर 9 हजार रुपये प्रति संयंत्र अनुदान मिलेगा। वर्ष 2026-27 और आगे के वर्षों में सभी क्षमताओं के लिए 9 हजार रुपये प्रति संयंत्र अनुदान प्रस्तावित किया गया है।
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक 2026 के प्रारूप को भी मंजूरी दी है। इस निर्णय से संपत्ति के पंजीयन पर लगने वाला अतिरिक्त उपकर शुल्क समाप्त हो जाएगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में राजीव गांधी मितान क्लब योजना के वित्तपोषण के लिए संपत्ति अंतरण पर स्टाम्प शुल्क के अतिरिक्त 12 प्रतिशत उपकर लगाया गया था। चूंकि यह योजना वर्तमान में संचालित नहीं है, इसलिए अतिरिक्त उपकर समाप्त करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक 2026, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अधिनियम 1972 (संशोधन) विधेयक 2026 और छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक 2026 के प्रारूपों को भी मंजूरी दी गई। कर्मचारी चयन मंडल के गठन से राज्य के विभिन्न विभागों में तकनीकी और गैर-तकनीकी तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी ढंग से संचालित की जा सकेगी।
इसके अलावा कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026 के प्रारूप को भी स्वीकृति दी। इस विधेयक का उद्देश्य प्रतियोगी और व्यावसायिक परीक्षाओं में नकल तथा अन्य अनुचित साधनों पर सख्ती से रोक लगाकर परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है।
राजस्व व्यवस्था में सुधार के लिए मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 40, 50 और 59 में संशोधन संबंधी विधेयक के प्रारूप को भी मंजूरी दी।
खेल अधोसंरचना के विकास के लिए कैबिनेट ने जिला क्रिकेट एसोसिएशन राजनांदगांव को राजगामी संपदा की 5 एकड़ भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया। इस भूमि पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त खेल मैदान और क्रिकेट अकादमी का निर्माण किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं मिल सकेंगी।
कुल मिलाकर, मंत्रिपरिषद के इन फैसलों को प्रशासनिक सुधार, ऊर्जा संरक्षण, पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और खेल विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


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