• +91 99935 90905
  • amulybharat.in@gmail.com
रायपुर और भी
मुख्यधारा की ओर लौटता विश्वास: 140 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 18 मार्च 2026,  06:30 PM IST
  • 289
मुख्यधारा की ओर लौटता विश्वास: 140 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात

रायपुर /छत्तीसगढ़ में शांति, विकास और विश्वास की नई तस्वीर सामने आई है। बीजापुर और कांकेर जिलों से आए 140 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने आज विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर मुख्यधारा में लौटने की खुशी साझा की।Image after paragraph

मुख्यमंत्री श्री साय ने आत्मसमर्पित नक्सलियों से आत्मसमर्पण से पहले के जीवन और वर्तमान परिस्थितियों के बारे में विस्तार से चर्चा की। संवाद के दौरान नक्सलियों ने बताया कि अब उनका जीवन पूरी तरह बदल चुका है—जहां पहले वे जंगलों में असुरक्षा और भय के बीच जीवन बिताते थे, वहीं अब वे अपने परिवार के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।

उन्होंने बताया कि उनके क्षेत्रों में अब सड़कों, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है, जिससे जीवन आसान हुआ है। कुछ आत्मसमर्पित नक्सलियों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने पहली बार होली जैसे त्योहार को परिवार के साथ मनाया—यह उनके लिए एक नया और सुखद अनुभव रहा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सभी का मुख्यधारा में स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय केवल व्यक्तिगत बदलाव नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि संविधान पर विश्वास जताकर सभी ने एक सकारात्मक और प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास, रोजगार और सामाजिक पुनर्स्थापन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के नक्सलवाद उन्मूलन के संकल्प को शीघ्र ही पूर्ण किया जाएगा।

इस अवसर पर गृहमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक भी उपस्थित थीं।

RO. NO 0002
RO. NO 13843/ 27

RO. NO 0002
RO. NO 13843/ 27

Add Comment


Add Comment

RO. NO 0002
676140620261012371007869232.jpg
RO. NO 13843/ 27
287060520260449541007062156.jpg
RO. NO 13843/ 27
921060520260450131007062156.jpg
RO. NO 0002
676140620261012371007869232.jpg
RO. NO 13843/ 27
287060520260449541007062156.jpg
RO. NO 13843/ 27
921060520260450131007062156.jpg





ताज़ा समाचार और भी
Get Newspresso, our morning newsletter