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जहॉ था डर और प्यास वहाँ अब विकास: लखपाल बना नई उम्मीद की मिसाल
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 3 अप्रैल 2026,  08:35 PM IST
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जहॉ था डर और प्यास वहाँ अब विकास: लखपाल बना नई उम्मीद की मिसाल

*बदलाव की बयार*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और जिला प्रशासन की मेहनत से खत्म हुआ जल संकट*Image after paragraph

पानी के लिए नहीं भटकेंगे ग्रामीण, 117 घरों में पहुंचा अमृत*

रायपुर /कभी नक्सल भय और पेयजल संकट से जूझता सुकमा जिले का दूरस्थ ग्राम लखापाल आज विकास की नई कहानी लिख रहा है। वर्षों तक जहां ग्रामीणों को पानी के लिए संघर्ष करना पड़ता था, वहीं अब हर घर में नल से शुद्ध पेयजल पहुंच रहा है। यह बदलाव केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन और छत्तीसगढ़ शासन की नियद नेल्लानार योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से संभव हो पाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में कोंटा विकासखंड के घोर नक्सल प्रभावित ग्राम लखापाल में विकास की वह रोशनी पहुंची है, जिसकी यहां वर्षों से प्रतीक्षा थी।

जहां पानी के लिए थी जद्दोजहद, अब घर-घर बह रहा अमृत*

जिला मुख्यालय सुकमा से लगभग 88 किलोमीटर दूर स्थित लखापाल गांव लंबे समय तक नक्सल समस्या और पेयजल संकट की दोहरी मार झेलता रहा। गांव के 117 परिवार पानी के लिए बोरिंग, कुएं और एक छोटे नाले पर निर्भर थे। गर्मी के दिनों में जलस्तर इतना नीचे चला जाता था कि ग्रामीणों को बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष करना पड़ता था। महिलाओं और बच्चों को कई बार दूर-दराज़ से पानी लाना पड़ता था। समय और मेहनत के साथ-साथ बीमारियों का खतरा भी लगातार बना रहता था।

72 लाख की योजना ने बदल दिया गांव का भविष्य*

सुकमा जिले के कार्यपालन अभियंता श्री विनोद कुमार राम ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत ग्राम पंचायत लखापाल में 72.01 लाख रुपये की लागत से 4 सोलर पंप टंकी स्थापित की गई। इसके माध्यम से गांव में 117 घरेलू नल कनेक्शन दिए गए। गांव की कुल जनसंख्या 465 है, और अब हर परिवार को नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है।

महिलाओं की आंखों में राहत, चेहरे पर मुस्कान*

गांव की महिला श्रीमती लखे तेलाम भावुक होकर बताती हैं कि पहले पानी के लिए बहुत परेशानी होती थी। नाले और बोरिंग से पानी लाना पड़ता था। कई बार मौसमी बीमारी हो जाती थी। महुआ बीनकर लौटने के बाद पानी लेने जाना बहुत मुश्किल होता था। अब नल से घर में ही दिनभर पानी मिलता है। हम बहुत खुश हैं। शासन की योजना बहुत अच्छी है। उनकी बातों में केवल राहत नहीं, बल्कि एक नए जीवन की उम्मीद झलकती है।

डर के साये से विकास की राह तक*

गांव के निवासी तेलाम बुधु बताते हैं कि पहले लखापाल में भय का माहौल था। हमारा गांव पहले नक्सल समस्या से प्रभावित था। लोग ख़ौफ़ में जीते थे। बिजली, पानी और सड़क की समस्या थी। गांव में पहले नक्सलियों की मीटिंग होती थी। गांववालों से पैसा और चावल-दाल जमा कराया जाता था। लेकिन अब बदलाव आ गया है। अब पंचायत की मीटिंग ग्राम विकास के लिए होती है। बिजली, पानी, राशन और सड़क की सुविधा मिल रही है।” उनके शब्द साफ कहते हैं अब गांव में डर नहीं, विकास की चर्चा होती है।

स्वच्छ जल से स्वास्थ्य में सुधार, बीमारी में कमी*

जल जीवन मिशन के लागू होने के बाद लखापाल में सिर्फ पानी की सुविधा नहीं आई, बल्कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बड़ा परिवर्तन देखने को मिला। अब जलजनित बीमारियों में कमी आई है और स्वच्छ पेयजल के कारण ग्रामीणों की जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव आया है।

अब सब्जी-बाड़ी से आत्मनिर्भरता की ओर गांव*

नल जल योजना से पानी मिलने के बाद ग्रामीणों ने खेती और बाड़ी की ओर कदम बढ़ाया है। अब गांव के लोग अपने घर के आसपास टमाटर, मिर्ची, बरबट्टी, सेमी और खट्टा भाजी उगा रहे हैं। इससे न केवल घर में सब्जी की व्यवस्था हो रही है, बल्कि बाजार से सब्जी खरीदने का खर्च भी बच रहा है।

कलेक्टर श्री अमित कुमार ने बताया कि जल जीवन मिशन के माध्यम से ग्राम लखापाल जैसे दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्र में हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना प्रशासन की बड़ी उपलब्धि है। इससे ग्रामीणों को पानी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और स्वास्थ्य में भी सुधार होगा। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जिले के प्रत्येक गांव तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाकर विकास की रोशनी हर क्षेत्र तक पहुंचाई जाएगी।*

ग्रामीणों ने जताया मुख्यमंत्री और प्रशासन के प्रति आभार*

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें पानी के लिए भटकना नहीं पड़ता। घर में नल से पानी मिल रहा है, जिससे जीवन आसान, सुरक्षित और सम्मानजनक हुआ है।

लखापाल बना उदाहरण- विकास हर कोने तक पहुंच रहा है*

जल जीवन मिशन ने यह साबित कर दिया है कि जब सरकार की योजनाएं ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ जमीन पर उतरती हैं, तो नक्सल प्रभावित और दूरस्थ क्षेत्रों में भी विकास की नई रोशनी पहुंचती है। आज लखापाल गांव केवल पानी की सुविधा नहीं पा रहा बल्कि वह भय से मुक्त होकर आत्मनिर्भरता और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।

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