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जहॉ बन्दूकें थीं, अब बहता है पानी- हेटारकसा की बदली तस्वीर
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 9 अप्रैल 2026,  06:37 PM IST
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जहॉ बन्दूकें थीं, अब बहता है पानी- हेटारकसा की बदली तस्वीर

रायपुर / कभी नक्सल गतिविधियों के कारण विकास से अछूता रहा कोयलीबेड़ा विकासखंड के ग्राम हेटारकसा आज बदलाव की नई कहानी लिख रहा है। जहां पहले सड़क, संचार और मूलभूत सुविधाओं तक पहुंच मुश्किल थी, वहीं अब शासन के नक्सल उन्मूलन अभियान और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से गांव में विकास दिखने लगा है।Image after paragraph

नक्सल प्रभाव के कारण वर्षों तक इस क्षेत्र में योजनाओं का क्रियान्वयन चुनौतीपूर्ण रहा। दुर्गम भौगोलिक स्थिति और सुरक्षा कारणों से पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा भी गांव तक नहीं पहुंच पा रही थी। ग्रामीण, कुएं और नालों पर निर्भर थे, और गर्मी के दिनों में पानी के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता था। लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। केंद्र सरकार की जल जीवन मिशन और राज्य शासन के प्रयासों से ग्राम हेटारकसा के 63 घरों तक नल कनेक्शन पहुंचाए गए हैं। दो सोलर पंप आधारित जल टंकियों के माध्यम से अब गांव के हर घर में नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है। गांव के निवासी राजनाथ पोटाई बताते हैं कि पहले पानी लाने के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ता था, जिसमें अधिक समय व श्रम लगता था। वहीं अब घर में ही दिनभर पानी मिलने से दैनिक जीवन काफी आसान हो गया है।

गांव की महिला सविता बेन ने कहती हैं कि पहले पानी की समस्या के कारण दिन का बड़ा हिस्सा इसी कार्य में चला जाता था, लेकिन अब नल-जल सुविधा से उन्हें राहत मिली है और वे अन्य कामों में समय दे पा रही हैं।

स्वास्थ्य और आजीविका पर सकारात्मक असर

स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने से गांव में जलजनित बीमारियों में कमी आई है। साथ ही ग्रामीण अब घरों के आसपास सब्जी-बाड़ी कर रहे हैं, जिससे टमाटर, मिर्ची, बरबट्टी जैसी फसलें उगाकर वे पोषण के साथ-साथ अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रहे हैं। नक्सल प्रभावित इस दूरस्थ क्षेत्र में योजनाओं का सफल क्रियान्वयन प्रशासन के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है। आज ग्राम हेटारकसा यह साबित कर रहा है कि जब सुरक्षा, विश्वास और विकास एक साथ आगे बढ़ते हैं, तो सबसे दूरस्थ और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी बदलाव संभव है।


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