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सचिव की कलेक्टरों को दो टूक : अवैध रेत खनन पर सख्ती से हो कार्रवाई, सीएम के निर्देशों के पालन में लापरवाही पर कलेक्टर होंगे जिम्मेदार
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 2 मई 2026,  08:00 AM IST
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सचिव की कलेक्टरों को दो टूक : अवैध रेत खनन पर सख्ती से हो कार्रवाई, सीएम के निर्देशों के पालन में लापरवाही पर कलेक्टर होंगे जिम्मेदार

*खनिज विभाग के सचिव श्री पी. दयानंद ने रेत आपूर्ति करने वाले प्रमुख 11 जिलों के कलेक्टरों के साथ की बड़ी वर्चुअल बैठक*

*प्रदेश में रेत की आपूर्ति में न हो कमी, स्वीकृत खदानों से क्षमता अनुरूप उत्पादन कर आम जनता को उचित दर पर उपलब्ध कराएं रेत*

*खनिजों के अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर सख्ती से अमल कर रही साय सरकार*

*पीएम आवास के हितग्राहियों के लिए रॉयल्टी मुक्त रेत आपूर्ति का कड़ाई से हो पालन, इसकी आड़ में न हो अवैध गतिविधि*

रायपुर// छत्तीसगढ़ सरकार सुशासन और पारदर्शिता के अपने संकल्प के अनुरूप कार्य करते हुए खनिजों के अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर सख्ती से अमल कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि राजस्व क्षति और अवैध गतिविधि से जुड़े किसी भी मामले में कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। साथ ही उन्होंने आम लोगों को उचित दरों पर रेत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। 

              मुख्यमंत्री के निर्देश पर खनिज विभाग लगातार सक्रिय है और समय-समय पर इसकी समीक्षा भी की जा रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री के सचिव सह खनिज विभाग के सचिव श्री पी. दयानंद ने 30 अप्रैल 2026 को प्रदेश में रेत आपूर्ति करने वाले प्रमुख 11 जिलों—रायपुर, बिलासपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, सक्ती, महासमुंद, गरियाबंद, धमतरी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-बैकुंठपुर, बलरामपुर और कांकेर—के कलेक्टरों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक लेकर खदानों के संचालन की गहन समीक्षा की।

बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि प्रदेश में रेत की आपूर्ति में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। सभी स्वीकृत रेत खदानों से उनकी क्षमता के अनुरूप उत्पादन सुनिश्चित किया जाए और आम जनता को रेत उचित दरों पर उपलब्ध हो। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को रॉयल्टी मुक्त रेत उपलब्ध कराने के आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि इसकी आड़ में अवैध खनन को बढ़ावा न मिले।

          खनिज सचिव श्री दयानंद ने रेत खदानों की नीलामी प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए पाया कि गरियाबंद, कांकेर और जांजगीर-चांपा जिलों में 100 प्रतिशत से अधिक नीलामी की गई है, जबकि धमतरी, बिलासपुर और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-बैकुंठपुर में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है। इस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित कलेक्टरों को तत्काल अधिक से अधिक खदानों की नीलामी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सचिव ने यह भी निर्देशित किया कि नीलाम किए गए घाटों की खनन योजना और पर्यावरण स्वीकृति की प्रक्रिया को प्राथमिकता से पूर्ण किया जाए और इसकी साप्ताहिक समीक्षा अनिवार्य रूप से की जाए। साथ ही अवैध खनन वाले क्षेत्रों का चिन्हांकन कर सतत कार्रवाई की जाए तथा शिकायतों और मीडिया में प्रकाशित खबरों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

                   उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि खनिज विभाग के केंद्रीय उड़नदस्ता दल को किसी जिले में अवैध खनन पर कार्रवाई करनी पड़ रही है, तो यह संबंधित जिला प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है कि वे इस मामले को लेकर गंभीर नहीं हैं। सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री पहले भी इस तरह की लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जता चुके हैं।

           बैठक के अंत में खनिज सचिव श्री पी. दयानंद ने दो टूक कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाए।प्रदेश के किसी भी जिले में यदि अवैध खनन कार्य चल रहा हो और वहाँ ड्रोन सर्वे से अथवा केन्द्रीय उड़न दस्ता के दल द्वारा जाँच में अवैध उत्खनन का साक्ष्य पाया जाता है तो जिला कलेक्टर व खनिज अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी जिसके लिए वे स्वयं ज़िम्मेदार होंगे ।

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